नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक कोचिंग संस्थान द्वारा तैयार की गई यूपीएससी परीक्षा की तैयारी संबंधी वीडियो को अवैध तरीके से ऑनलाइन बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बांठिया ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यूपीएससी कोचिंग मंच के निदेशक सुनील कुमार की शिकायत ने की थी कि उनके ऑनलाइन कोचिंग ऐप पर मौजूद 2,400 से अधिक शैक्षिक वीडियो को गैरकानूनी तरीके से निकाला गया और बिक्री के लिए अन्य मंचों पर अपलोड किया गया।
पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता ने लगभग तीन साल पहले अपना कोचिंग मंच शुरू किया था। यह मंच वर्तमान में सोशल मीडिया और 2023 में शुरू किए गए एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से चार लाख से अधिक छात्रों को सेवा प्रदान करता है। ऐप में 2,500 से अधिक शैक्षिक वीडियो हैं, जिनमें सशुल्क और निःशुल्क दोनों पाठ्यक्रम शामिल हैं।
उत्तर जिले के साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान, पुलिस ने कई आईडी और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों का पता लगाया, जिनमें से कुछ इथियोपिया और बांग्लादेश में पंजीकृत थे। इससे पता चलता है कि आरोपी विदेशी ‘वर्चुअल नंबरों’ के माध्यम से अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
तकनीकी निगरानी और आईपी लॉग के विश्लेषण से पुलिस ने पांच जून को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से युवराज सिंह (21) को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, युवराज ने कथित तौर पर एक बॉट का उपयोग करके अध्ययन सामग्री निकालने और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से ग्राहकों को बेचने और अपने बैंक खातों में भुगतान प्राप्त करने की बात कबूल की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच से पुलिस हरियाणा के फरीदाबाद पहुंची, जहां टेलीग्राम बॉट को बनाने वाले निरंजन कुमार मंडल (23) और लॉजिस्टिक और इंटरनेट सहायता प्रदान करने वाले शुभम कुमार पांडे (28) को आठ जून को गिरफ्तार कर लिया।
जांचकर्ताओं को आरोपी से जुड़े कई बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट मिले, जिनमें लगभग 35 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। इससे पता चलता है कि लीक हुए शैक्षणिक वीडियो की गैर-कानूनी बिक्री से बड़े पैमाने पर कमाई हुई थी।
भाषा नोमान नोमान माधव
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