राजकोट, 17 मार्च (भाषा) गुजरात के राजकोट जिले में 32 वर्षीय एक दलित युवक के कथित अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) चिंतन पटेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि जोगराणा, सागर जोगराणा और गोपाल जोगराणा के रूप में हुई है। ये तीनों भावेश वनवी के अपहरण और हत्या में कथित रूप से शामिल थे।
प्राथमिकी के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी हमीर जोगराणा और कम से कम चार अन्य लोगों ने 15 मार्च की रात वणवी का अपहरण किया था। वणवी ने कथित तौर पर हमीर के गन्ना पेराई मशीन के व्यवसाय के खिलाफ राजकोट नगर निगम में आवेदन दिया था, जिसके बाद यह वारदात हुई।
इसमें कहा गया कि पाइप, धारदार हथियार और कुल्हाड़ी से लैस होकर आए आरोपियों ने मोटरसाइकिल से जा रहे वणवी को राजकोट के द्वारकेश पार्क के पास रोका।
प्राथमिकी में कहा गया कि आरोपियों ने वणवी पर कथित रूप से हमला किया, जिससे उसके सिर, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार, वणवी ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
हमीर का वणवी से विवाद इस कारण भी था कि वनवी उस महिला के संपर्क में था, जिसके साथ हमीर का संबंध था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हमीर ने पहले पुलिस में आवेदन देकर वणवी और उक्त महिला पर मोह पाश में फंसाने और जबरन वसूली में शामिल होने का आरोप लगाया था।
वनवी की मौत के बाद अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात अस्पताल के बाहर हंगामा किया गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
एसीपी पटेल ने बताया कि वणवी का आपराधिक रिकॉर्ड था और वह दंगा, मारपीट, निषेध अधिनियम तथा समाज विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में शामिल रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
भाषा खारी नरेश
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