दक्षिण गोवा बाल कल्याण समिति के तीन सदस्य निलंबित

दक्षिण गोवा बाल कल्याण समिति के तीन सदस्य निलंबित

दक्षिण गोवा बाल कल्याण समिति के तीन सदस्य निलंबित
Modified Date: August 25, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: August 25, 2026 2:11 pm IST

पणजी, 25 अगस्त (भाषा) गोवा सरकार ने कदाचार, पक्षपात और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों की विभागीय जांच लंबित रहने तक दक्षिण गोवा की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के तीन सदस्यों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने 24 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी किया।

आदेश में बताया गया कि अधिकारियों को तीनों सदस्यों—डॉ. जुंसा मुद्रास, पर्सी स्कूरी फर्नांडिस और अधिवक्ता शर्ली सादिरा डी मोंटे फुर्तादो सूसा—के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में उनकी कार्यप्रणाली, पक्षपात और निर्णय लेने के तरीके से जुड़ी कथित प्रक्रियागत खामियों तथा कर्तव्य में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे।

सरकार ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी विभागीय जांच सुनिश्चित करने के लिए निलंबन का आदेश दिया गया है।

तीनों को 28 जुलाई 2025 की अधिसूचना के जरिए दक्षिण गोवा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त किया गया था। इसके बाद 25 फरवरी 2026 को उन्हें कुशावती बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों के रूप में अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

आदेश में कहा गया कि विस्तृत विभागीय जांच जारी है और निलंबित सदस्यों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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