इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को घर पर ही पृथकवास में रखा गया

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इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को घर पर ही पृथकवास में रखा गया

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 01:27 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 01:27 PM IST

दुर्ग, चार जून (भाषा) अफ्रीका के इबोला प्रभावित देशों से हाल में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले लौटे तीन लोगों को एहतियात के तौर पर 21 दिन के लिए घर पर ही पृथकवास में रखा गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, तीनों यात्रियों में बीमारी का कोई लक्षण नहीं पाया गया है और न ही उनके इबोला संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने का कोई इतिहास है।

दुर्ग के जिलाधिकारी अभिजीत सिंह ने बताया कि एक महिला 31 मई को कांगो से दुर्ग पहुंची थी, जबकि दो अन्य व्यक्ति दो जून को इथियोपिया और युगांडा से भिलाई लौटे थे।

उन्होंने बताया कि इन तीन यात्रियों में दो भारतीय नागरिक हैं, जबकि एक युगांडा का नागरिक है।

सिंह ने कहा, ‘‘चूंकि इनमें से किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं हैं और न ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का कोई इतिहास है, इसलिए तीनों को 21 दिन के लिए घर पर ही पृथकवास में रखा गया है। वे फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं।’’

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दिन में दो बार फोन के माध्यम से उनसे संपर्क कर उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा सुबह और शाम उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रियों को सलाह दी गई है कि यदि इस अवधि के दौरान उन्हें कोई असुविधा या बीमारी का कोई लक्षण महसूस हो, तो वे तुरंत जांच दल, स्वास्थ्य विभाग, नियंत्रण कक्ष या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को सूचित करें।

दुर्ग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने बताया कि इबोला प्रभावित देशों, विशेषकर अफ्रीकी देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 21 दिन के लिए घर पर ही पृथकवास में रखा जा रहा है और उन पर नियमित स्वास्थ्य निगरानी रखी जा रही है तथा चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की हवाई अड्डों पर चिकित्सकीय जांच की जा रही है तथा लक्षणों व संपर्क इतिहास के आधार पर उन्हें विभिन्न जोखिम श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा रहा है।

दानी ने बताया कि श्रेणी-एक में ऐसे यात्री शामिल हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं और न ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क का कोई इतिहास है। श्रेणी-दो में ऐसे लोग रखे जाते हैं, जिनमें लक्षण नहीं हैं, लेकिन किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का इतिहास है। वहीं, श्रेणी-तीन में वे यात्री शामिल हैं, जिनमें बीमारी के लक्षण मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले लौटे तीनों यात्री श्रेणी-एक में आते हैं, अर्थात उनमें न तो कोई लक्षण हैं और न ही वे इबोला संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं।

भाषा सं संजीव मनीषा खारी

खारी