नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं को अपने किराये के मकान में मरम्मत कार्य के दौरान हुए मामूली विवाद को लेकर पड़ोसियों की ओर से कथित तौर पर नस्ली दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह घटना 20 फरवरी को अपराह्न लगभग 3:30 बजे उस समय हुई जब महिलाओं के चौथी मंजिल स्थित फ्लैट में बिजली संबंधी काम के लिए ड्रिलिंग की जा रही थी।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ड्रिलिंग के दौरान धूल और सीमेंट के छोटे-छोटे टुकड़े नीचे की मंजिल पर गिर गए, जिस पर वहां रहने वाले हर्ष सिंह और उसकी पत्नी ने आपत्ति जताई।’’
अधिकारी के मुताबिक, महिलाओं ने आरोप लगाया कि विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के बजाय दंपति ने उनके खिलाफ नस्ली एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
सोशल मीडिया मंचों पर घटना से जुड़े कथित वीडियो बड़े पैमाने पर साझा किए जा रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में आरोपी महिला को पीड़िता से कथित तौर पर यह पूछते हुए देखा जा सकता है, ‘‘क्या तुम ‘सेक्स वर्कर’ हो। क्या तुम यहां धंधा करने आई हो। क्या तुमने घर पर मसाज पार्लर खोल लिया है?’’
वीडियो में पीड़िता आरोपी महिला को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए यह कहती नजर आ रही है, ‘‘सबने सुना कि तुमने मेरे चरित्र के बारे में क्या कहा है। तुमने मुझ पर शराब पीने का झूठा आरोप लगाया है। जाओ मेरे कमरे की तलाशी लो, अगर तुम्हें वहां कोई बोतल मिल जाए तो।’’
जब पीड़िता ने आरोपी महिला के पति से उसकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के बारे में शिकायत की, तो उसने और भी ज्यादा अपमानजनक तरीके से जवाब दिया।
लोगों ने वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िताओं के लिए न्याय की मांग की है।
इस बीच, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के सिलसिले में आरोपी दंपति के खिलाफ मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कार्य), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (सामान्य इरादा) और 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव के खिलाफ हानिकारक कार्य करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अधिकारी के अनुसार, किसी भी तरह की शारीरिक चोट की सूचना नहीं मिली है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद एक प्रॉपर्टी डीलर ने उनसे कहा है कि भविष्य में मरम्मत संबंधी कोई भी काम करवाने पर उन्हें दो महीने के भीतर फ्लैट खाली करना होगा।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिलाओं ने मांग की है कि आरोपी दंपति उनसे औपचारिक रूप से माफी मांगें। उनका कहना है कि ये टिप्पणियां न केवल उन पर, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर समुदाय पर लक्षित थीं।
भाषा पारुल नेत्रपाल
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