BARSE DEVA SURRENDER/ image source: IBC24
Barse Deva Surrender: तेलंगाना: तेलंगाना में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) के शीर्ष कमांडर बारसे देवा ने अपने 20 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर हैदराबाद में सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष किया गया, जिसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Barse Deva Surrender: बारसे देवा नक्सली संगठन का कुख्यात और सक्रिय कमांडर रहा है। उस पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों की तस्करी और नक्सली गतिविधियों के संचालन में उसकी प्रमुख भूमिका बताई जाती है। देवा पीएलजीए की सशस्त्र इकाई का शीर्ष नेता था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
Barse Deva Surrender: सूत्रों के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिन पर अलग-अलग राज्यों में इनाम घोषित था। सभी ने हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। सरकार की ओर से सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत कानूनी सहायता, आर्थिक मदद और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।