Touching a woman without consent ; मुंबई। महिला को उसके बिना सहमति के छूना अपराध होगा। सामने आए के मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाया है। औरंगाबाद बेंच ने कहा कि महिला को छूना खासकर रात के समय में, यह उसकी मार्यदा का उल्लंघन है।
यह भी पढ़ें: धड़ल्ले से पकड़ी जा रही प्रतिबंधित छोटी मछली, आंखें मूंदे बैठे हैं मत्स्य विभाग के अधिकारी
बता दें कि जालना जिले में बेड पर सो रही महिला के पैर को छूने को लेकर विवाद हुआ था। मामला पुलिस में आने के बाद आरोपी ने कोर्ट में याचिका दाखिल किया था। वहीं अब इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
यह भी पढ़ें: अपराधों पर अंकुश लगाने पुलिस का नया कदम, तैयार हो रही सक्रिय बदमाशों के गैंग और उनके गुर्गों की कुंडली
बॉम्बे हाईकार्ट की औरंगाबाद बेंच के जस्टिस एमजी सेवलीकर ने कहा कि इस मामले में आरोपी की हरकत महिला की प्रतिष्ठा को झकझोर देने वाली थी। आरोपी पीड़िता के पैर के पास उसकी खाट पर बैठा हुआ था। इस दौरान आरोपी ने आधी रात को पीड़िता के पैरों को हाथ भी लगाया। यह व्यवहार जाहिर करता है कि आरोपी के इरादे गलत थे।
यह भी पढ़ें: हाथों में तीर कमान लेकर आकांक्षा छात्रावास की छात्राओं और आदिवासियों के साथ थिरके सीएम शिवराज
दूसरी ओर आरोप यह बता नहीं पाया कि आधी रात को वह महिला के घर पर क्यों गया था। लिहाजा निचली अदालत ने यह कहने में कोई गलती नहीं की कि आरोपी ने महिला से छेड़छाड़ की थी। जिस पर कोर्ट ने आरोपी को एक साल की सजा सुनाया है। बता दें कि पीड़िता ने 5 जुलाई 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने बताया था कि आरोपी ने रात 11 बजे घर आया और उसके पैरों को छूने लगा। बताया कि आरोपी उसके बिस्तर के पास बैठा है। पीड़िता ने शोर मचा दिया। यह सुनते ही आरोपी भाग खड़ा हुआ। वहीं पीड़िता ने अपने पति को फोन पर घटना की जानकारी दी।
यह भी पढ़ें: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सीएम शिवराज ने इंदौर को दी करोड़ों की सौगात