नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) संसद के दोनों सदनों में सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
लोकसभा की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत का उल्लेख करते हुए कहा कि इन शहीदों की वीरता, शौर्य और देशभक्ति ने स्वाधीन और सशक्त राष्ट्र की नींव रखी।
उन्होंने कहा, ‘‘इनकी अमर गाथाएं देश के युवाओं और समस्त देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रही हैं। हम इनकी शहादत को नमन करते हैं। हम अपने जीवन में उनके महान विचारों और आदर्शों के अनुसरण का संकल्प भी लेते हैं।’’
इसके बाद सभा ने कुछ पल मौन रखकर तीनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी।
राज्यसभा में सभापति सी पी राधाकृष्णन ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आज देशवासी खुली हवा में सांस ले रहे हैं तो उसका एक बड़ा कारण स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान है।
सभापति ने कहा, ‘‘भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत हमें देश के प्रति उनके निस्वार्थ प्रेम और समर्पण की भावना का अहसास कराती है। हमें उनसे मिली विरासत को न केवल सहेज कर रखना है बल्कि उसे अक्षुण्ण भी बनाए रखना है, और उससे प्रेरणा भी लेते रहना है।’’
इसके बाद सदस्यों ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को कुछ पल मौन रह कर श्रद्धांजलि दी।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 1931 में आज ही के दिन ब्रिटिश शासकों ने फांसी दी थी।
भाषा वैभव मनीषा माधव
माधव