कोलकाता, 24 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के सांसदों और विधायकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव ‘‘वार रूम’’ को तुरंत सक्रिय करें और 27 जनवरी से पार्टी नेतृत्व को नियमित रूप से अद्यतन जानकारी भेजते रहें।
पार्टी नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ‘तार्किक विसंगतियों’ के माध्यम से पात्र मतदाताओं को हटाने के कथित प्रयासों को विफल करने के लिए प्रत्येक बूथ में एक ‘बूथ रक्षा समिति’ के तत्काल गठन का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगतियों’ के माध्यम से मताधिकार से वंचित करने के प्रयासों के विरोध में तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही निर्वाचन आयोग से मुलाकात करेगा।
बनर्जी ने कहा, ‘‘इसके अलावा, राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 25 जनवरी को एसआईआर के खिलाफ प्रखंड और शहर स्तर पर धिक्कार/प्रतिवाद सभा आयोजित की जाएगी।’
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने दावा किया कि सूक्ष्म पर्यवेक्षकों द्वारा जिला चुनाव अधिकारियों से उनके ‘लॉगिन’ संबंधी जानकारी मांगे जा रहे हैं और कहा कि पार्टी इस मुद्दे को कानूनी रूप से उठाएगी।
बनर्जी ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद पार्टी में कई ‘वॉर रूम’ अभी तक सक्रिय नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कई सांसद और विधायक इस लड़ाई में सक्रिय नहीं हैं और यह सिलसिला जारी नहीं रह सकता। जो लोग पार्टी के पक्ष में सक्रिय रूप से खड़े नहीं होंगे, उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं मिलेगा। हमें पार्टी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी की आवश्यकता है।’’
बनर्जी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा सत्र में भाग लेने के अलावा, प्रतिनिधियों को भाजपा के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए भी समय देना चाहिए।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने बनर्जी के हवाले से कहा, ‘‘एसआईआर के समाप्त होने में केवल 22 दिन शेष हैं। हमें और अधिक सक्रिय होना चाहिए। इतने सारे ‘वॉर रूम’ अभी भी निष्क्रिय क्यों हैं? यदि आवश्यक हो, तो जन प्रतिनिधियों को ‘वॉर रूम’ को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी जेब से खर्च करना चाहिए।’
बनर्जी ने कहा कि विधायक/सांसद द्वारा तैयार की गई ‘वॉर रूम’ रिपोर्ट 27 जनवरी से 15 फरवरी के बीच पार्टी के शीर्ष नेताओं को भेजी जानी चाहिए।
भाषा आशीष धीरज
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