अगरतला, 20 जुलाई (भाषा) त्रिपुरा सरकार ने सरकार प्रायोजित कौशल विकास पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं के लिए एक अगस्त से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सरकार ने हाल में जारी एक अधिसूचना में यह भी कहा है कि अंतिम मूल्यांकन के लिए पात्र होने हेतु प्रशिक्षुओं की कम से कम 70 प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति होना अनिवार्य होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 के पाठ्यक्रमों के लिए यह न्यूनतम सीमा 50 प्रतिशत थी।
कौशल विकास विभाग के निदेशक प्रदीप के. ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) को सभी सरकारी वित्तपोषित और राज्य प्रायोजित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों में लागू किया जाएगा। यह नई व्यवस्था वर्तमान में चल रहे तथा भविष्य में शुरू होने वाले सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर लागू होगी।’’
उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 के दिशा-निर्देशों के खंड-6 के अनुरूप उठाया गया है जिसमें सभी कौशल विकास प्रशिक्षुओं के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं को प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन सत्रों के दौरान प्रतिदिन एईबीएएस पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।’’
अधिकारी ने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रशिक्षण केंद्रों को धनराशि जारी करना पूरी तरह बायोमेट्रिक प्रणाली से तैयार उपस्थिति रिकॉर्ड पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय सहायता केवल उन्हीं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को दी जाएगी जिनमें बायोमेट्रिक उपस्थिति का रिकॉर्ड विधिवत दर्ज, सुरक्षित रखा गया हो और प्रस्तुत किया गया हो।’’
अधिकारी ने कहा कि आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से उपस्थिति का पारदर्शी, छेड़छाड़-रोधी और समय-मुद्रित (टाइम-स्टैम्प्ड) रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे निगरानी एजेंसियों और मूल्यांकनकर्ताओं के लिए सत्यापन करना आसान हो जाएगा।
भाषा तान्या नरेश
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