(अदिति खन्ना)
लंदन, 18 जनवरी (भाषा) ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की कोशिश का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी को ‘पूरी तरह से गलत’ करार दिया है।
स्टॉर्मर ने इस प्रस्तावित कदम का विरोध कर रहे अन्य यूरोपीय सहयोगियों का शनिवार रात को समर्थन किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर इस योजना के बारे में पोस्ट किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है।
उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि आर्कटिक में स्थित स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ तो यह शुल्क और भी बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
यहां प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, स्टॉर्मर ने कहा,‘‘ग्रीनलैंड पर हमारा रुख बहुत स्पष्ट है – यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के लोगों का मामला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के लिए महत्वपूर्ण है और सभी सहयोगियों को आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में रूस से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए मिलकर और अधिक प्रयास करने चाहिए।’’
प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन पर शुल्क लगाना पूरी तरह गलत है। हम निश्चित रूप से इस मामले को सीधे अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाएंगे।’’
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को ‘अस्वीकार्य’ बताया। दूसरी ओर ग्रीनलैंड और डेनमार्क में हजारों लोग अमेरिका की कब्जे की धमकियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए।
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोपीय सहयोगी ‘ब्लैकमेल’ नहीं होंगे।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांत हैं।
उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘शुल्क लगाने से अटलांटिक-पार संबंध कमजोर होंगे।’’
भाषा
राजकुमार नोमान
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