संविधान की प्रतियां जलाने वाले दो कार्यकर्ताओं पर चलेगा मुकदमा, उपराज्यपाल ने दी मंजूरी
उपराज्यपाल ने संविधान की प्रतियां जलाने वाले दो कार्यकर्ताओं पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी
Notice to Delhi Government
नयी दिल्ली, आठ नवंबर (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने 2018 में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान संविधान की प्रतियां जलाने और एससी/एसटी समुदाय का अपमान करने के आरोप में दो कार्यकर्ताओं पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि सक्सेना ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। उपराज्यपाल ने 10 अगस्त को दर्ज मामले में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आरोपी व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। ये विशेष क़ानून हैं और पुलिस को अधिनियम के तहत आरोपियों को नामजद करने के लिए उप-राज्यपाल की अनुमति की आवश्यकता होती है।
दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने कहा कि इन दोनों व्यक्तियों ने नौ अगस्त 2018 को अन्य लोगों के साथ मिलकर ‘आरक्षण मुर्दाबाद’ आदि के नारे लगाए और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम संशोधन विधेयक तथा आरक्षण के विरोध में संसद मार्ग पर संविधान की प्रतियां फाड़ दी थीं और जला दी थीं।

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