नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) एअर इंडिया समूह के दो विमान चालकों के नमूने प्राथमिक मादक पदार्थ जांच में संदिग्ध पाए गए हैं। अब नमूनों की पुष्टि करवाने के लिए इन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 अगस्त से अपने सभी विमान चालकों के लिए मादक पदार्थ जांच अनिवार्य कर नियामक आवश्यकताओं के दायरे को बढ़ा दिया है।।
यह अनिवार्य जांच चार अगस्त की उस घटना के बाद शुरू की गयी है, जब फुकेत से दिल्ली आ रहा एअर इंडिया का एक विमान वायुमंडलीय अस्थिरता (टर्बुलेंस) के कारण हवा में अपनी निर्धारित ऊंचाई से अचानक 300 फुट नीचे आ गया था। उस विमान के प्रमुख पायलट (कप्तान) की मादक पदार्थ जांच करने पर उनके शरीर में मारिजुआना के अंश पाए गए थे।
एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि एअर इंडिया समूह के अब तक लगभग 400 विमान चालकों की मादक पदार्थ जांच की जा चुकी है।
सूत्र के अनुसार, इनमें से दो चालकों के प्राथमिक जांच के नतीजे संदिग्ध आए हैं।
हालांकि, इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी तुरंत सामने नहीं आ सकी है।
एअर इंडिया की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली इन दो एयरलाइंस के पास 5,000 से अधिक विमान चालक हैं।
इस व्यापक जांच के दायरे में वे सभी पदार्थ और दवाएं शामिल हैं जो वर्तमान विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं।
थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रहा एअर इंडिया का एक विमान (एअरबस ए320 – एआई2379) चार अगस्त को सुबह वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण हवा में अपनी निर्धारित ऊंचाई से अचानक लगभग 300 फुट नीचे आ गया, जिससे विमान में सवार कम से कम 17 लोग घायल हो गए थे। विमान में 137 यात्रियों और चालक दल के आठ सदस्यों सहित कुल 145 लोग सवार थे।
भाषा सुमित माधव
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