‘डिलीवरी ऐप’ के माध्यम से अवैध रूप से मंगाई जा रही थी शराब, दो गिरफ्तार

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‘डिलीवरी ऐप’ के माध्यम से अवैध रूप से मंगाई जा रही थी शराब, दो गिरफ्तार

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 06:09 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 06:09 PM IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘डिलीवरी ऐप’ के माध्यम से संचालित हो रहे अवैध शराब आपूर्ति नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है और हरियाणा से लाई जा रही अवैध शराब जब्त की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह ऐप-आधारित लॉजिस्टिक (रसद) सेवाओं का फायदा उठाकर काम करता था, जिससे आरोपी गुप्त रूप से खेप को राज्य की सीमा के बाहर ले जाते थे और उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय शराब तस्करों तक पहुंचा देते थे।

पीरागढ़ी चौक के पास अवैध शराब की आवाजाही के संबंध में पांच अप्रैल को मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के बाद इस घटना का खुलासा हुआ।

अधिकारी ने बताया, ‘‘सूचना के आधार पर, पश्चिम विहार पूर्व थाने की एक टीम ने घटनास्थल पर जाल बिछाया। निगरानी के दौरान, पुलिस की नजर एक संदिग्ध तिपहिया टेम्पो की ओर गयी। रुकने का इशारा करने पर, चालक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया।’’

चालक की पहचान पुष्पेंद्र (22) के रूप में हुई, जो हरियाणा के बहादुरगढ़ का निवासी है। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें ‘केवल हरियाणा में बिक्री के लिए’ लिखे शराब के 16 कार्टन मिले, जिससे पुष्टि हुई कि यह खेप दिल्ली में अवैध आपूर्ति के लिए थी।

पश्चिम विहार पूर्व थाने में मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान पुष्पेंद्र ने खुलासा किया कि यह खेप दिल्ली के प्रेम नगर निवासी 19-वर्षीय समीर पालीवाल ने एक ऑनलाइन ‘डिलीवरी ऐप’ के माध्यम से बुक की थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान चलाया और पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया।’’

जांच से पता चला कि पालीवाल पिछले दो महीनों से अवैध आपूर्ति शृंखला का समन्वय कर रहा था, ऐप के माध्यम से ऑर्डर दे रहा था और बहादुरगढ़ में लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से शराब मंगाकर इसे दिल्ली में संचालित अवैध वितरकों तक पहुंचाने में मदद कर रहा था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी ने संदेह से बचने के लिए ऐप-आधारित मंच की सुविधा और गुमनामी का फायदा उठाया, जिससे यह संचालन नियमित वाणिज्यिक आपूर्ति जैसा प्रतीत हुआ।’’

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश