महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो भाइयों को 20-20 साल की सजा

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महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो भाइयों को 20-20 साल की सजा

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 12:49 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 12:49 PM IST

कानपुर (उप्र), 12 अगस्त (भाषा) कानपुर की एक अदालत ने 2021 में इटावा में एक शादीशुदा महिला को करीब तीन माह तक बंधक बनाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो भाइयों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस अपराध में अपने बेटों की मदद करने की आरोपी महिला को भी अदालत ने दोषी ठहराते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई।

अपर मुख्य शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि यशोदा नगर निवासी महिला 13 मार्च 2021 को अपने दो वर्षीय बेटे के साथ राशन कार्ड के लिए आवेदन करने गोविंद नगर स्थित आपूर्ति कार्यालय गई थी तभी इटावा निवासी अनवार और उसके भाई छोटू ने कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया।

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी महिला को इटावा ले गए और करीब तीन माह तक उसे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान दोनों भाइयों ने उससे कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया।

उन्होंने बताया कि इस अपराध में आरोपियों की मां ऊषा देवी ने भी कथित तौर पर अपने बेटों की मदद की।

पांडेय ने बताया कि जब दोनों आरोपी एक शादी में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए, तब पीड़िता ने एक पड़ोसी की मदद से अपने परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने महिला को मुक्त कराया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

अपर मुख्य शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि त्वरित अदालत-41 के न्यायाधीश राकेश सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अनवार और छोटू को अपहरण तथा सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराया।

अदालत ने दोनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

पांडेय ने बताया कि दोषियों की मां ऊषा देवी को भी भारतीय दंड संहिता की धारा 368 के तहत अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक बनाए रखने के अपराध में चार वर्ष के कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

इसके अलावा, धारा 342 के तहत गलत तरीके से बंधक बनाने के अपराध में महिला को एक वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई।

भाषा सं सलीम सिम्मी खारी

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