अहमदाबाद, आठ अगस्त (भाषा) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने छह इमारतों के ‘फायर एनओसी’ (अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र) मंजूर करने के बदले कथित तौर पर 36,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
वडोदरा एसीबी के मुताबिक, अहमदाबाद नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे ने छह इमारतों के फायर एनओसी मंजूर करने के लिए कथित तौर पर प्रति इमारत 6,000 रुपये रिश्वत मांगी थी। उन्होंने उनके लिये यह रकम वसूलने के लिए भावसिंह झाला को रखा था।
एसीबी के मुताबिक, शिकायतकर्ता शहर की इमारतों में अग्नि संबंधी सुरक्षा से जुड़े काम देखने वाला अग्नि सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) है। उसने राज्य सरकार के पोर्टल पर छह इमारतों के ‘फायर एनओसी’ मंजूर कराने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी की ओर से भावसिंह झाला ने प्रत्येक एनओसी के लिए 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी।
लिखित शिकायत के आधार पर एसीबी ने शुक्रवार को जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से बातचीत करने के बाद 36,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए झाला को रंगे हाथ पकड़ लिया।
एसीबी ने बताया कि मामले में सीएफओ और झाला को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसके मुताबिक, दोनों ने मिलकर रिश्वत लेने की साजिश रची थी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भाषा प्रचेता प्रशांत
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