हिंसा मामले में कलकत्ता अदालत में दो याचिकाएं, एनआईए जांच और सेना की तैनाती की मांग

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हिंसा मामले में कलकत्ता अदालत में दो याचिकाएं, एनआईए जांच और सेना की तैनाती की मांग

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  • Publish Date - June 13, 2022 / 02:44 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

कोलकाता, 13 जून (भाषा) पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल में हिंसक विरोध-प्रदर्शन की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच कराने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना की तैनाती का अनुरोध करने वाली दो याचिकाएं सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर की गईं।

मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दोनों में से एक याचिका पेश की गई, जिसमें हिंसा के राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने का दावा करते हुए मामले की एनआईए द्वारा जांच कराने का अनुरोध किया गया है। दूसरे याचिकाकर्ता ने हिंसा के मद्देनजर सेना की तैनाती का अनुरोध किया है।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने याचिका का विरोध किया और दावा किया कि नदिया जिले के बेथुंदाहरी में एक यात्री ट्रेन के क्षतिग्रस्त होने की एक घटना के अलावा, पिछले 36 घंटों में कोई हिंसा नहीं हुई है।

उन्होंने अदालत से कहा कि मामले में 214 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीठ में न्यायमूर्ति आर. भारद्वाज भी शामिल थे।

अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके बाद उन्होंने सुनवाई को दोपहर ढाई बजे बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

भाषा निहारिका रंजन

रंजन