नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालय परिसरों में से एक, उद्योग भवन को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
1950 के दशक के उत्तरार्द्ध में निर्मित उद्योग भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया, मई में इसके पड़ोस में स्थित निर्माण भवन को गिराए जाने के बाद शुरू की गई है।
ये दोनों इमारतें स्वतंत्रता के बाद केंद्रीय सचिवालय के विस्तार के दौरान बनाई गई थीं और दशकों तक इनमें कई महत्वपूर्ण मंत्रालय स्थित रहे थे।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के कार्यान्वयन के साथ, इन दो भवनों से संचालित होने वाले मंत्रालयों को काफी हद तक तीन नवनिर्मित कर्तव्य भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों को रखने के लिए साझा केंद्रीय सचिवालय के हिस्से के रूप में 10 इमारतों का निर्माण करने की योजना बनाई है।
शास्त्री भवन और कृषि भवन जैसी इमारतें, जिनका निर्माण 1950 और 1970 के बीच हुआ था, उन्हें भी ध्वस्त किया जाना तय है, जबकि कुछ इमारतों को बरकरार रखे जाने की संभावना है।
इनमें राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार, जवाहरलाल नेहरू भवन (विदेश मंत्रालय) और डॉ. आंबेडकर सभागार शामिल हैं, जो नई इमारतें हैं। वाणिज्य भवन को भी बरकरार रखे जाने की संभावना है।
इस योजना के तहत, सरकार पहले ही नये संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव का निर्माण करा चुकी है और उसने विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का पुनर्विकास किया है।
साझा केंद्रीय सचिवालय के अलावा, सरकार एक कार्यकारी परिसर का भी निर्माण करेगी जिसमें नया प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित होंगे।
कार्यकारी परिसर के दूसरे चरण के अंतर्गत, एक नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण किया जाएगा।
भाषा तान्या वैभव
वैभव