Publish Date - January 26, 2026 / 11:58 PM IST,
Updated On - January 27, 2026 / 12:00 AM IST
UGC Equity Regulations 2026/Image Sourec: Generated by AI
HIGHLIGHTS
UGC नियम बना इस्तीफों की वजह
सिटी मजिस्ट्रेट से BJP नेता तक छोड़ रहे पद
24 घंटे में जांच, 15 दिन में फैसला
UGC Act 2026: अगर आप कॉलेज में पढ़ते हैं या आपके घर में कोई उच्च शिक्षा से जुड़ा है तो इन दिनों आपने UGC Equity Regulations 2026 का नाम ज़रूर सुना होगा। सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरियों तक, हर जगह इसी नए नियम को लेकर चर्चा और बहस छिड़ी हुई है। हालात ऐसे हैं कि विरोध में अब प्रशासनिक अधिकारी तक इस्तीफा देने लगे हैं। सवाल यह है कि आखिर इस नए कानून में ऐसा क्या है, जिससे प्रशासन से लेकर सियासत तक हलचल मच गई है?
UGC का नया कानून और बवाल! (UGC Equity Regulations 2026)
UGC Act 2026:UGC के नए रेगुलेशन के विरोध में उत्तर प्रदेश के बरेली से एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह UGC का नया कानून बताया है। विवाद यहीं नहीं थमा। लखनऊ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को भी इस मुद्दे पर झटका लगा है। जिला भाजपा के कुम्हरावां मंडल के महामंत्री अंकित तिवारी ने 10 पदाधिकारियों के साथ UGC कानून के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अब जानते हैं कि आखिर UGC Equity Regulations 2026 है क्या और इसका विरोध क्यों हो रहा है।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव रोकना मुख्य उद्देश्य
शिकायतों के त्वरित निपटारे का प्रावधान
हर संस्थान में Equity Committee का गठन अनिवार्य
शिकायत मिलने पर 24 घंटे में समिति की बैठक
15 दिनों में जांच रिपोर्ट
7 दिनों के भीतर कार्रवाई
जनरल/सवर्ण वर्ग और ब्राह्मण समाज का विरोध
नियमों में केवल SC/ST/OBC को पीड़ित वर्ग मानने का आरोप
जनरल कैटेगरी को पीड़ित के रूप में शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति
Equity Regulations 2026 पर प्रशासन से सियासत तक भूचाल (UGC New Rules 2026)
UGC Act 2026: एक तरफ सरकार और UGC इसे उच्च शिक्षा में समानता और न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोध करने वालों का कहना है कि यह नियम सामाजिक और वैचारिक असंतुलन पैदा कर सकता है। अब देखना होगा कि बढ़ते विरोध के बीच सरकार और UGC इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
उत्तर: UGC Equity Regulations 2026 उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने, शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने और हर कॉलेज/विश्वविद्यालय में Equity Committee गठन करना अनिवार्य करने वाला नया नियम है।
"UGC Equity Regulations 2026 Opposition" क्यों हो रहा है?
उत्तर: UGC Equity Regulations 2026 Opposition मुख्य रूप से जनरल/सवर्ण वर्ग और ब्राह्मण समुदाय की ओर से है, क्योंकि नए नियम में केवल SC/ST/OBC को पीड़ित वर्ग माना गया है और अन्य वर्गों को इसमें शामिल नहीं किया गया।
उत्तर: UGC Equity Regulations 2026 Implementation के तहत शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर Equity Committee की बैठक होगी, 15 दिनों में जांच रिपोर्ट तैयार होगी और 7 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।