नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) भारत ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र (यूएनजीए81) के इतर आयोजित उच्चस्तरीय वैश्विक स्वास्थ्य बैठकों के दौरान सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) के विस्तार, वायरल हेपेटाइटिस के उन्मूलन और ‘सिकल सेल’ बीमारी के इलाज को मजबूत करने में हासिल की गई अपनी महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य संकटों से निपटने के अपने अनुभवों को साझा किया। साथ ही, देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और वैश्विक स्वास्थ्य के ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की सातवीं वार्षिक मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया।
उन्होंने लोगों को इलाज के आर्थिक बोझ से बचाते हुए व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर जिला और बड़े अस्पतालों (द्वितीयक और तृतीयक स्तर) तक, पूरे स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत करने के भारत के प्रयासों को रेखांकित किया।
बयान में कहा गया कि उन्होंने भारत के 1.8 लाख से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ के नेटवर्क का जिक्र किया, जो आम लोगों के घर के पास ही स्वास्थ्य सेवाओं की एक विस्तृत शृंखला उपलब्ध करा रहे हैं।
इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की जांच और प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखरेख तथा गंभीर बीमारियों के मरीजों को दर्द से राहत देने वाली देखभाल शामिल हैं। इसके साथ ही बीमारियों से बचाव, स्वास्थ्य सुधार और इलाज से जुड़ी सेवाएं भी दी जा रही हैं।
उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में गुणवत्ता के मानकों पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
भाषा सुमित सुरेश
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