चंडीगढ़, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर और संजय सेठ ने महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने को लेकर विपक्ष और उसके सहयोगियों की कड़ी आलोचना की तथा उन पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने और एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
पंजाब के जालंधर में खट्टर ने संवाददाताओं से कहा कि संशोधन विधेयक को पारित नहीं करके विपक्षी दलों ने महिलाओं के साथ ‘‘अन्याय’’ किया है।
खट्टर ने कहा कि कृषि, विज्ञान, उद्योग, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, अध्यापन और खेल समेत हर क्षेत्र में महिलाओं का बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा चाहती है कि लोकतंत्र में महिलाओं को भी राजनीतिक क्षेत्र में अधिकार मिले। उन्होंने कांग्रेस पर किसी न किसी कारण से इस मुद्दे पर पीछे हटने और अड़चनें पैदा करने का आरोप लगाया।
खट्टर ने कहा कि विपक्ष ने ‘‘घिनौना खेल’’ खेला और लोकसभा में विधेयक को पारित नहीं होने दिया।
खट्टर के साथ मौजूद उत्तर प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा, ‘‘महिलाएं कुछ भी बर्दाश्त कर सकती हैं लेकिन अपमान नहीं।’’
उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में विपक्ष को महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन ने विधेयक पारित होने में अड़चनें पैदा करके घोर पाप किया है और उन्हें इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
सेठ ने कहा कि देश गुस्से में है और लोग उन्हें इसके लिए सबक सिखाएंगे।
भाषा शफीक देवेंद्र
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