‘असंतोषजनक’: अकाल तख्त ने बेअदबी-रोधी कानून पर आपत्तियों को लेकर सरकार के जवाब को खारिज किया

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‘असंतोषजनक’: अकाल तख्त ने बेअदबी-रोधी कानून पर आपत्तियों को लेकर सरकार के जवाब को खारिज किया

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 09:03 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 09:03 PM IST

अमृतसर, 30 जुलाई (भाषा) अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से संबंधित बेअदबी-रोधी कानून को लेकर पंजाब सरकार के जवाब को बृहस्पतिवार को ‘असंतोषजनक’ करार दिया।

उनकी यह टिप्पणी आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर द्वारा अकाल तख्त की ओर से ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर पंजाब सरकार का जवाब सौंपने के एक दिन बाद आई।

जत्थेदार गड़गज ने 29 जून को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह एक महीने के भीतर बेअदबी-रोधी कानून से संबंधित आपत्तियों का समाधान करे।

गड़गज ने बृहस्पतिवार को यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सभी सिख विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों को निर्देश दिया कि तीन अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के साथ इस मुद्दे पर सहमति बनने तक बेअदबी-रोधी कानून पर कोई चर्चा नहीं की जाए और कानून में किसी भी अन्य संशोधन को मंजूरी नहीं दी जाए।

सरकार के जवाब का जिक्र करते हुए जत्थेदार ने कहा कि यह स्पष्ट है कि ‘आप’ सरकार अकाल तख्त की भावनाओं के अनुसार कानून में और संशोधन करने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि 29 जून को अकाल तख्त साहिब में पंजाब विधानसभा के सिख विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों के बीच बनी सहमति की भावना सरकार के जवाब में नहीं दिखी है।

जत्थेदार ने कहा कि सरकार ने अकाल तख्त द्वारा उठाई गई आपत्तियों और बिंदुओं में से केवल एक को स्वीकार किया है, जबकि बाकी मुद्दों पर उसने कठोर रुख बनाए रखा है।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत