हरियाणा विधानसभा में हंगामा, कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव से संबंधित मुद्दों को उठाने का प्रयास किया

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हरियाणा विधानसभा में हंगामा, कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव से संबंधित मुद्दों को उठाने का प्रयास किया

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 08:29 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 08:29 PM IST

चंडीगढ़, 17 मार्च (भाषा) हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा शुरू हो गया जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों से संबंधित मुद्दा उठाने की कोशिश की और ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाया।

हंगामे के दौरान सदन में बार-बार व्यवधान उत्पन्न हुआ जिसके कारण कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया। अध्यक्ष ने आठ कांग्रेस विधायकों को शेष दिन के लिए निलंबित कर दिया और बाद में विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

भाजपा के संजय भाटिया (58) और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध (61) हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। दोनों पक्षों द्वारा मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन के आरोपों के बाद दो सीट पर मतगणना आधी रात के बाद तक हुई।

बौध की जीत मामूली अंतर से हुई है। इस बीच आरोप लगे कि पांच कांग्रेस विधायकों ने कथित रूप से ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वोटों को भी अमान्य घोषित कर दिया गया।

मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य रघुवीर सिंह कादियान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस के पास दूसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल होने और निर्दलीय उम्मीदवार के न जीतने की जानकारी होने के बावजूद, उसने अपने नेता सतीश नांदल को राज्यसभा चुनाव में क्यों उतारा।

लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए कादियान ने कहा कि जब किसी निर्दलीय उम्मीदवार के जीतने की कोई संभावना नहीं थी, तब भी भाजपा ने नांदल को चुनाव में उतारा, जिससे उनकी मंशा पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने पूछा, ‘तीसरे उम्मीदवार को लाने की क्या आवश्यकता थी?’

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही यह कहा कि हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मुकाबले में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास एक-एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।

उन्होंने कहा, ‘जब भाजपा ने अपने पार्टी नेता को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारा तो मुझे आश्चर्य हुआ। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में सभी ने देखा कि उन्होंने किस तरह ‘वोट चोरी’ की।’

हुड्डा ने कहा, ‘वोट चोरी की कहानी उसी दिन लिखी गई थी जब भाजपा ने अपने ही नेता को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के लिए कहा था। हम चाहते थे कि सरकार इस पर सदन में स्पष्टीकरण दे।’

भाजपा का कहना है कि कोई भी चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र था, और पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया थे, जबकि नांदल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरे।

जब कादियान विधानसभा में यह मुद्दा उठा रहे थे, तब अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने उनसे कहा कि उनका मुद्दा विधानसभा से संबंधित नहीं है।

अध्यक्ष ने कादियान से कहा, ‘यदि आपका मुद्दा चुनाव से संबंधित है, और यदि किसी भी दल को कोई आपत्ति है, तो कानून में प्रावधान है, और इसे उचित मंच के समक्ष रखा जाना चाहिए।’

कांग्रेस विधायक खड़े होकर सदन में नारे लगाने लगे, जिसके परिणामस्वरूप कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

कार्यवाही पुनः शुरू होने पर कल्याण ने हंगामा कर रहे कांग्रेस विधायकों को चेतावनी दी। लेकिन जब विपक्ष नहीं माना, तो अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों विकास सहारन, जस्सी पेटवार, बलराम डांगी, इंदुराज नरवाल, देवेंद्र हंस, शकुंतला खटक, मनदीप चट्ठा और बलवान सिंह दौलतपुरिया को शेष दिन की कार्यवाही के लिए निलंबित कर दिया। बाद में, शेष कांग्रेस सदस्य सदन से बाहर चले गए।

भाषा आशीष नरेश

नरेश