विझिंजम बंदरगाह परियोजना को लेकर केरल विधानसभा में हंगामा

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विझिंजम बंदरगाह परियोजना को लेकर केरल विधानसभा में हंगामा

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 04:43 PM IST

तिरुवनंतपुरम, दो जून (भाषा) केरल विधानसभा में मंगलवार को विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह परियोजना को लेकर हंगामा हुआ। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता केएन बालगोपाल ने कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान इस परियोजना का विरोध करने का आरोप लगाया।

सदन में राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए बालगोपाल ने कहा कि (तत्कालीन) विपक्ष (यूडीएफ) ने क्षेत्र में किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों का हवाला देते हुए करोड़ों रुपये की लागत वाली विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह परियोजना का निर्माण रोकने की मांग की थी।

राज्य के पूर्व वित्त मंत्री बालगोपाल ने खास तौर पर कोवलम के विधायक एम विंसेंट का जिक्र किया और कहा कि जो लोग अब इस परियोजना के पक्ष में बोल रहे हैं, उन्होंने पहले इसका निर्माण रोकने की मांग की थी।

बालगोपाल ने दावा किया, “सभी को याद है कि विंसेंट सहित जिन लोगों ने अब धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया है, उन्होंने वहां किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर विझिंजम बंदरगाह परियोजना का निर्माण रोकने की मांग की थी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूडीएफ ने न केवल विझिंजम परियोजना, बल्कि वायनाड सुरंग सड़क, के-रेल और चार-लेन एवं छह-लेन सड़क विस्तार परियोजनाओं जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचागत पहल के कार्यान्वयन में भी अड़ंगा डालने की कोशिश की थी।

बालगोपाल ने सवाल किया, “(तत्कालीन) विपक्ष ने विरोध के अलावा और क्या किया?” उन्होंने दावा किया कि माकपा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलती थी।

विंसेंट ने बालगोपाल की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विझिंजम बंदरगाह परियोजना का निर्माण रोकने की मांग करने के बालगोपाल के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।

विंसेंट ने कहा, “मैंने न तो कभी इस सदन के भीतर और न ही बाहर यह बात कही कि विझिंजम बंदरगाह का निर्माण रोका जाना चाहिए। विधानसभा कार्यवाही के रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।”

उन्होंने कहा, “अगर यह साबित हो जाता है कि मैंने ऐसी कोई टिप्पणी की थी, तो मैं सार्वजनिक जीवन छोड़ने के लिए तैयार हूं। अगर नहीं, तो क्या बालागोपाल भी ऐसा करने को तैयार हैं?”

विंसेंट ने उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को विधानसभा की कार्यवाही से हटाए जाने की भी मांग की।

अदाणी समूह में शामिल भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह विकासकर्ता ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड)’ सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत गहरे पानी के विझिंगम बंदरगाह का निर्माण कर रहा है।

भाषा पारुल माधव

माधव