उत्तराखंड: देहरादून में भाजपा पदाधिकारी की पीट-पीटकर हत्या; चार गिरफ्तार आरोपियों के मकान ढहाए गए

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उत्तराखंड: देहरादून में भाजपा पदाधिकारी की पीट-पीटकर हत्या; चार गिरफ्तार आरोपियों के मकान ढहाए गए

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  • Publish Date - June 14, 2026 / 10:08 PM IST,
    Updated On - June 14, 2026 / 10:08 PM IST

देहरादून, 14 जून (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून जिले के बैरागीवाला गांव में लोगों के एक समूह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 44 वर्षीय स्थानीय पदाधिकारी के घर में घुसकर उनकी कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी और परिवार के तीन सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे और अधिकारियों ने रविवार को चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कथित अवैध निर्माण ढहा दिए।

पुलिस के मुताबिक, भाजपा पदाधिकारी की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने एक आरोपी के घर पर कथित तौर पर पथराव किया और उसमें आग लगा दी।

पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम को छह से साढ़े छह बजे के बीच खेत की सिंचाई को लेकर भाजपा कार्यकर्ता विनोद का अपने ही गांव के इम्तियाज के साथ विवाद हो गया।

पुलिस ने बताया कि विवाद के बाद लाठियों, लकड़ी के पट्टों, हथौड़ों और फावड़ों से लैस 40 से अधिक लोगों का एक समूह विनोद के घर पहुंचा और उन पर तथा उनके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, सिर पर हथौड़े से वार किए जाने के कारण विनोद की मौत हो गई।

उसने बताया कि विनोद की हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और गुस्साई भीड़ ने सड़क जाम कर दी, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिस के अनुसार, दक्षिणपंथी संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार सुबह विरोध-प्रदर्शन किया।

उसने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ के ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के बीच मुख्य आरोपी के कथित अवैध निर्माणों (जिनमें एक दुकान और एक चारदीवारी शामिल है) को गिरा दिया।

हालांकि, पुलिस ने बताया कि नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी के मकान को भी ढहाने की मांग की। उसने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी के मकान पर पत्थर बरसाए, तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

पुलिस के मुताबिक, देहरादून-हरबर्टपुर राजमार्ग तीन घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहा, क्योंकि स्थानीय लोगों ने सड़क पर बड़े पत्थर रख दिए और वहीं बैठ गए, जिससे गाड़ियों की आवाजाही बाधित हो गई।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने विरोध-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और पीड़ित के रिश्तेदारों को शांत करने की कोशिश की।

पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों और देहरादून पुलिस ने विकासनगर में फ्लैग मार्च किया।

उसने बताया कि बाद में प्रदर्शनकारी राजमार्ग से हटने पर सहमत हो गए, जिससे वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी।

पुलिस के अनुसार, प्रशासन ने एक और अभियान चलाया और शाम को मुख्य आरोपी का मकान गिरा दिया।

विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान गांव पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हत्या की निंदा करते हुए कहा, “उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सद्भाव में खलल डालने की कोशिश करने वाली जिहादी और हिंसक मानसिकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून को चुनौती देने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों में पहले से ही दुश्मनी थी और पिछले कुछ दिनों से सिंचाई के पानी को लेकर उनके बीच अक्सर तीखी बहस होती थी।

पुलिस ने बताया कि हमले में विनोद, उनके भाई अशोक और राजेश तथा भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गईं। उसने बताया कि घायलों को फौरन लेहमन अस्पताल ले जाया गया, जहां विनोद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

अधिकारियों के अनुसार, विनोद के भाई अशोक की शिकायत पर सहसपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 109 (हत्या का प्रयास), 191(2) (दंगा) और 3(5) (संयुक्त जवाबदेही) सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी में 12 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों में रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार शामिल हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीम का गठन किया गया।

उन्होंने बताया, “पुलिस टीम ने कई जगहों पर छापेमारी कर रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी बैरागीवाला के रहने वाले हैं।”

डोबाल के मुताबिक, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए हुए है और बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिशों में जुटी है।

उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में भीड़ बेकाबू हो गई थी और शांति बनाए रखने के लिए जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि विनोद भाजपा के समर्पित पदाधिकारी थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि विनोद की इतनी निर्ममता से हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

चौहान ने लोगों से शांति बनाए रखने, धैर्य रखने और निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस पर भरोसा करने की अपील भी की।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात गांव में प्रादेशिक सशस्त्र कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी) को तैनात किया गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहा।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप