लोगों से दल का नहीं, दिल का रिश्ता: वसुंधरा राजे

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लोगों से दल का नहीं, दिल का रिश्ता: वसुंधरा राजे

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 12:17 AM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 12:17 AM IST

जयपुर, 21 फरवरी (भाषा) राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान अपने माता-पिता और भाई पर लिखी कविता सुनकर भावुक हो गईं। उन्होंने बाद में कहा कि वह अपने जीवन में इन तीनों के योगदान को कभी नहीं भूल सकती।

राजे ने झालावाड़ के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर मंदिर में सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर युवती अदिति शर्मा बकानी ने राजे के परिवार पर कविता पढ़ी तो पूर्व मुख्यमंत्री भावुक हो गईं।

राजे ने बाद में भरे गले से कहा, ‘‘मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती। आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी उनकी याद आती है तो वह लोगों से मिल रहे प्यार में उन्हें खोजने लगती हैं और अहसास करती हैं कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिजन हैं।

राजे ने अपने पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा के कोई राजनीतिक मायने नहीं है और यह यात्रा विकास के मार्ग पर चलने की और सबके साथ रहने की है।

भाषा पृथ्वी

वैभव

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