वेणुगोपाल का पीएम को पत्र, राम मंदिर मामले की न्यायालय की निगरानी में जांच का आग्रह

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वेणुगोपाल का पीएम को पत्र, राम मंदिर मामले की न्यायालय की निगरानी में जांच का आग्रह

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 02:18 PM IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।

वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण से करोड़ों भारतीय नागरिकों की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच में किसी ‘‘संगठित गिरोह’’ के सक्रिय होने और हर स्तर पर ‘‘संस्थागत विफलताओं’’ के संकेत मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कथित लूट संस्थागत संरक्षण के बिना संभव नहीं थी।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नकदी गिनने वाले कर्मचारियों ने नियमित निगरानी व्यवस्था को दरकिनार कर नकदी और बहुमूल्य आभूषणों की चोरी की, जबकि इस कथित आपराधिक षड्यंत्र के सबूत मिटाने के लिए कई महीनों की सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गबन और चोरी की शिकायतों को या तो नजरअंदाज किया गया या फिर दबा दिया गया।

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, ‘‘ट्रस्ट के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी द्वारा कथित अनियमितताओं को लेकर दी गई चेतावनियों और भारतीय स्टेट बैंक की ओर से कथित तौर पर उठाए गए सवालों की भी अनदेखी की गई।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और उसके बाद दर्ज प्राथमिकी ‘‘महज दिखावा’’ है।

उनका कहना था कि अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि कथित तौर पर इस पूरे मामले को संरक्षण देने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, ‘‘ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा गठित एक सार्वजनिक ट्रस्ट है और इसलिए इससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों का पालन किए जाने की अपेक्षा की जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप हिंदू आस्था और भगवान राम के नाम पर स्थापित संस्था की पवित्रता के साथ बड़ा विश्वासघात हैं।

कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया, ‘‘ आप इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और उच्चतम न्यायालय की कड़ी निगरानी में किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।’’

भाषा हक हक नरेश

नरेश