कोच्चि, 31 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को केरलम सरकार से राज्य में उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों को आकर्षित करने पर ध्यान देने को कहा, ताकि अधिक अवसर पैदा किए जा सकें, पलायन को रोका जा सके और राज्य से बाहर गए लोगों की वापसी को बढ़ावा दिया जा सके।
राधाकृष्णन ने यहाँ राजागिरि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी स्कूल के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए भरोसा जताया कि केरलम को जल्द ही एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) मिलेगा।
राधाकृष्णन ने कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन से उनकी ‘‘एक छोटी सी अपील’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूँ कि केरलम में जमीन की कमी है। लेकिन हमें केरलम में और अधिक अवसर पैदा करने होंगे। जमीन की अधिक कीमत की वजह से पारंपरिक उद्योग शायद संभव न हों। केरल में उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग आने चाहिए क्योंकि यहाँ दूसरे सभी प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। यहाँ का मौसम अच्छा है, पानी है, सबकुछ है।’’
राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए ताकि केरलम से लोगों का पलायन रुके और वे वापस लौटें। केरलम फिर से आगे बढ़े; सभी केरलमवासी यहां आकर बसें। यही मेरी इच्छा है और ‘विकसित भारत’ का यही मतलब है।’’
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ के ‘विजन’ की ओर बढ़ रहा है। उपराष्ट्रपति ने पिछले 12 वर्षों में हुए उच्च शिक्षा के विस्तार को रेखांकित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि केरलम सरकार राज्य को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने बजट में ‘नॉलेज वैली’ के बारे में घोषणा की है। हम दुनिया भर के प्राचीन और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को केरलम लाना चाहते हैं।’’
भाषा
नेत्रपाल नरेश
नरेश