नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को कहा कि सिख गुरुओं के बारे में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की कथित अपमानजनक टिप्पणी से संबंधित वीडियो की सत्यता से जुड़ी फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो मूल है और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
पहले, आम आदमी पार्टी (आप) शासित पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि वीडियो की फोरेंसिक जांच में यह पाया गया था कि वीडियो से ‘‘छेड़छाड़ की गई थी।’’ इसके बाद, दिल्ली विधानसभा में ‘आप’ के मुख्य सचेतक संजीव झा ने सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप साझा करने के लिए मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्यवाही करने की मांग की थी।
गुप्ता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह क्लिप विपक्षी दल ‘आप’ के अनुरोध पर आठ जनवरी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई थी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में ‘‘स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आतिशी की कथित टिप्पणी से जुड़ी वीडियो क्लिप मूल थी और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।’’
गुप्ता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने ‘‘जल्दबाजी’’ में अपनी फोरेंसिक जांच कराई और उसी के आधार पर मामले में प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह पूरे मामले की और पंजाब सरकार द्वारा वीडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग करेंगे।
दिल्ली विधानसभा में छह जनवरी को अतिशी द्वारा सिख गुरुओं के कथित अपमान के मुद्दे ने एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। पिछले साल गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के मौके पर आयोजित दिल्ली सरकार के कार्यक्रम के दौरान यह विवाद खड़ा हुआ था, जिसो लेकर भाजपा और ‘आप’ आमने सामने हैं।
भाषा जोहेब सिम्मी
सिम्मी