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इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को देश के सबसे स्वच्छ शहर में पहुंचे (Rahul Gandhi in Indore) और इस प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों और अन्यय पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
गांधी ने निजी क्षेत्र के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाने और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। (Rahul Gandhi in Indore) इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी थे। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यहां लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, और दूषित पानी पीने के कारण कई मौतें हो चुकी हैं। (Rahul Gandhi in Indore) उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को साफ पानी मुहैया कराए। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की समस्या सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि कई शहरों में यह गंभीर रूप ले चुकी है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि जिम्मेदारी सरकार की है और संबंधित अधिकारी इस मामले में जवाबदेह हैं।
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यहां रहने वाले लोग साफ और सुरक्षित पानी प्राप्त करें। (Rahul Gandhi in Indore) उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों की जान जोखिम में है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने और उनकी स्थिति समझने के लिए दौरा करना पड़ा।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतु पटवारी ने दावा किया कि भागीरथपुरा में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 से 10 मरीजों की स्थिति गंभीर है। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में नेता प्रतिपक्ष के सहायक उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद कहा (Rahul Gandhi in Indore) कि मीडिया और देश का ध्यान इस मामले पर केंद्रित है, ताकि प्रशासन जल्द कार्रवाई करे, अन्यथा जैसे ही ध्यान हटेगा, वही हालात दोबारा सामने आएंगे।
वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले में सरकार का कुछ और ही कहना है। भागीरथपुरा के दूषित जल मामले की सुनवाई इंदौर हाई कोर्ट में गुरुवार को हुई। राज्य सरकार के मुख्य सचिव अनुराग जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट में प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में सरकार ने माना कि दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत हुई है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की कि यह रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध करवाई जाए। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सरकार ने केवल चार मौतों की पुष्टि की थी। अगली सुनवाई अब मंगलवार को तय की गई है।
इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति की ओर से किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।