वांगचुक को वे वीडियो नहीं दिए गए जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था: पत्नी ने न्यायालय से कहा

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वांगचुक को वे वीडियो नहीं दिए गए जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था: पत्नी ने न्यायालय से कहा

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 06:54 PM IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में आरोप लगाया कि उनके पति की हिरासत का आधार बने चार वीडियो उन्हें नहीं दिखाए गए और केवल पेन ड्राइव में मौजूद ‘थंबनेल’ ही प्रदर्शित किए गए।

एंगमो की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ से कहा कि वीडियो उपलब्ध न कराना सलाहकार बोर्ड के साथ-साथ सरकार के समक्ष प्रभावी प्रतिनिधित्व के वांगचुक के अधिकार का उल्लंघन है।

सिब्बल ने कहा, ‘‘सरकार का अब आरोप है कि डीआईजी लैपटॉप लेकर आए थे और उन्होंने चार वीडियो दिखाए थे। लैपटॉप 5 अक्टूबर, 2025 को बंदी को दिया गया था, लेकिन वे चार वीडियो उसमें मौजूद नहीं थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मान लीजिए कि उन्होंने इसे दिखा दिया, लेकिन यह कानून की आवश्यकता नहीं है। आवश्यकता तो यह है कि वे मुझे उपलब्ध कराएं। उन्हें दस्तावेज़ उपलब्ध कराना होगा, मुझे माँगने की ज़रूरत नहीं है। यह उपलब्ध कराना उनका संवैधानिक कर्तव्य है।’’

सिब्बल की सहायता कर रहे एक अन्य वकील ने अदालत को बताया कि वांगचुक के सामने ही पेन ड्राइव को लैपटॉप में डाला गया था और उन्होंने केवल ‘थंबनेल’ ही देखे थे।

वकील ने कहा, ‘‘वीडियो वास्तव में चलाए नहीं गए। किसी भी ‘थंबनेल’ पर क्लिक नहीं किया गया।’’

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने बताया कि एक वीडियो मौजूद है जिसमें डीआईजी और बंदी के बीच हुई बातचीत से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वह संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग देखेगा, जिसमें पुलिस अधिकारियों और बंदी के बीच हुई बातचीत का 40 मिनट का वीडियो भी शामिल है।

इस मामले में अगली सुनवाई अब 23 फरवरी को होगी।

भाषा नेत्रपाल अविनाश

अविनाश