आतंकवाद को इतना नीचे दफन करेंगे कि यह कभी बाहर न आ सके: अमित शाह

आतंकवाद को इतना नीचे दफन करेंगे कि यह कभी बाहर न आ सके: अमित शाह

आतंकवाद को इतना नीचे दफन करेंगे कि यह कभी बाहर न आ सके: अमित शाह
Modified Date: September 16, 2024 / 03:20 pm IST
Published Date: September 16, 2024 3:20 pm IST

गुलाबगढ़ (जम्मू-कश्मीर), 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फिर से मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन केंद्र शासित प्रदेश में इसे इतना नीचे दफन किया जाएगा कि यह कभी बाहर न आ सके।

शाह ने किश्तवाड़ में एक जनसभा में दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस का गठबंधन जम्मू-कश्मीर में सरकार नहीं बना पाएगा।

शाह ने यहां पद्देर-नागसेनी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री सुनील शर्मा के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम आतंकवाद को इतना नीचे दफन करेंगे कि वह कभी बाहर न आ सके। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के घोषणापत्र में आतंकवादियों को छोड़ने की बात कही गई है और इस तरह आतंकवाद को फिर से मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। यह मोदी सरकार है और किसी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फिर से मजबूत कर सके।’’

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनाव दो ताकतों के बीच है, एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) और दूसरी तरफ भाजपा। नेकां-कांग्रेस कह रही हैं कि अगर हम सरकार बनाते हैं तो हम अनुच्छेद 370 को बहाल करेंगे। मुझे बताइए कि क्या इसे बहाल किया जाना चाहिए? भाजपा ने पहाड़ी और गुज्जर समुदायों तथा अन्य लोगों को जो आरक्षण दिया है, उसे छीन लिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चिंता मत कीजिए। मैं कश्मीर में स्थिति देख रहा हूं और आश्वस्त रहिए, जम्मू कश्मीर में न तो फारूक अब्दुल्ला की पार्टी की सरकार बन रही है और न ही राहुल गांधी की पार्टी की।’’

यह गृह मंत्री का एक पखवाड़े के भीतर जम्मू क्षेत्र का दूसरा दौरा था। इससे पहले छह और सात सितंबर को जम्मू के अपने दो दिवसीय दौरे में उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी किया था और कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित किया था।

सोमवार को 24 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार का अंतिम दिन है। इन क्षेत्रों में पद्देर-नागसेनी भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 18 सितंबर को पहले चरण में मतदान होगा।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में