कोलकाता, 13 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव आशुतोष चटर्जी ने रविवार को कहा कि बागेश्वर बाबा के नाम से चर्चित महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित तौर पर तस्वीर जलाने के मामले में पुलिस ने उन्हें तलब किया था।
चटर्जी ने एक बयान में दावा किया कि भवानीपुर पुलिस थाने से उन्हें पूर्वाह्न करीब 10 बजे एक नोटिस मिला, जिसमें उन्हें मामले के जांच अधिकारी के समक्ष अपराह्न तीन बजे पेश होने का निर्देश दिया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार को इस घटनाक्रम के बारे में सूचित कर दिया गया।
यह मामला आठ सितंबर को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर पुलिस थाने के बाहर हुए उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जो दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों, बंगाल की संस्कृति और खान-पान की आदतों के बारे में शास्त्री की टिप्पणियों को लेकर किया गया था।
पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शास्त्री की एक तस्वीर को कथित तौर पर पैरों तले रौंदा गया था, उस पर जूते मारे गए थे और बाद में उसे जला दिया गया था।
इसके बाद पुलिस ने दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस महासचिव अतनु दास को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चटर्जी और दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद को आरोपी बनाया गया है।
चटर्जी ने कहा कि कांग्रेस किसी ऐसे व्यक्ति के सामने ‘नहीं झुकेगी’ जिसने कथित तौर पर बंगालियों या बंगाल की परंपराओं का अपमान किया हो।
उन्होंने सवाल किया कि विवाद पैदा करने वाली टिप्पणियों के लिए शास्त्री के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हावड़ा के लिलुआ में पांच सितंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में, शास्त्री ने बंगालियों से दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार नहीं करने की अपील की थी और धार्मिक मौकों पर मांसाहार करने वालों को ‘ढोंगी’ बताया था।
भाषा धीरज गोला
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