कोलकाता, 22 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की एक अदालत ने भांगड़ कॉलेज में हुई झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के दो समर्थकों को मंगलवार को जमानत दे दी।
दोनों कार्यकर्ताओं की पेशी के दौरान बारुईपुर अदालत परिसर के बाहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष नियुक्त किए गए भाजपा नेता सायंतन बासु की संस्थान परिसर में मौजूदगी का एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किए जाने के बाद भांगड़ कॉलेज में वाम समर्थित एसएफआई और अभाविप के समर्थकों के बीच सोमवार को झड़प हो गई थी।
पुलिस ने झड़प के सिलसिले में एसएफआई के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर बारुईपुर जिला अदालत में पेश किया।
कार्यकर्ताओं के वकील की अर्जी पर न्यायाधीश ने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार दोनों युवकों को 1,000-1,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी।
एसएफआई समर्थकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सायन बनर्जी ने आरोप लगाया कि अदालत परिसर के बाहर उन पर अंडे फेंके गए और नारेबाजी की गई तथा अभाविप कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की वजह से वे दो घंटे तक वहीं फंसे रहे।
एसएफआई की राज्य समिति के सदस्य शुभजीत सरकार ने आरोप लगाया कि बंगाल में पुलिस वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों पर “बेरहमी से अत्याचार” कर रही है, जबकि भाजपा और आरएसएस से जुड़े गुटों को संरक्षण दे रही है।
दूसरी ओर, अभाविप के नेता शुभब्रत अधिकारी ने एसएफआई और आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर कॉलेज परिसर में “देशभक्तों” पर हमला करने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
भाषा खारी वैभव
वैभव