‘I Love Muhammad’ पर क्यों बढ़ा विवाद? ‘सिर तन से जुदा के नारे’ तक पहुंची बात, कई राज्यों में प्रदर्शन

Controversy over "I Love Muhammad": दरअसल, 4 सितंबर को कानपुर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बारावफात के जुलूस में ‘I Love Muhammad’ लिखा पोस्टर लगा दिखाई दिया।

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  • Publish Date - September 22, 2025 / 10:25 PM IST,
    Updated On - September 22, 2025 / 10:29 PM IST

Controversy over "I Love Muhammad"

HIGHLIGHTS
  • कानपुर में पोस्टर को लेकर दो पक्षों में झड़प
  • 4 सितंबर को कानपुर का एक वीडियो वायरल
  • ‘I Love Muhammad कहना कोई जुर्म नहीं : ओवैसी

कानपुर: Controversy over “I Love Muhammad”: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान लगाए गए ‘I Love Muhammad’ पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड तक फैल गया है। कानपुर में इस पोस्टर को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। हालांकि, बाद में पुलिस ने नई परंपरा शुरू करने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 24 से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया। इनमें 9 नामजद और 15 अज्ञात शामिल हैं।

धार्मिक जुलूसों में किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं

दरअसल, 4 सितंबर को कानपुर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बारावफात के जुलूस में ‘I Love Muhammad’ लिखा पोस्टर लगा दिखाई दिया। पुलिस का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार धार्मिक जुलूसों में किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं है, जबकि इस बार जुलूस में नई जगह पर टेंट और बोर्ड लगाए गए थे। इसी वजह से केस दर्ज किया गया है।

विवाद के बीच मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके लगाए गए बोर्ड फाड़े गए, वहीं हिंदू पक्ष ने भी धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने का आरोप लगाया। हालांकि मौके पर स्थिति काबू में कर ली गई। इसके बावजूद 9 सितंबर को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।

‘I Love Muhammad कहना कोई जुर्म नहीं : ओवैसी

Controversy over “I Love Muhammad”, मामले ने तब और तूल पकड़ा जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि ‘I Love Muhammad कहना कोई जुर्म नहीं है, अगर है तो इसकी हर सजा मंजूर है।’ इसके बाद सपा नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आने लगीं। देखते-देखते यह मुद्दा यूपी से बाहर निकलकर मुंबई, गुजरात और उत्तराखंड तक पहुँच गया, जहाँ लोग ‘I Love Muhammad’ पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने लगे।

कुछ जगहों पर प्रदर्शनों के दौरान ‘सिर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे भी लगे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

👉 विवाद कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान ‘I Love Muhammad’ पोस्टर लगाने से हुआ। इसे नई परंपरा की शुरुआत मानते हुए दो पक्षों में झड़प हो गई।

पुलिस ने FIR क्यों दर्ज की?

👉 पुलिस का कहना है कि FIR पोस्टर की वजह से नहीं, बल्कि जुलूस में नई परंपरा शुरू करने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में की गई है।

इस मामले में कितने लोगों पर कार्रवाई हुई?

👉 पुलिस ने 24 से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया है, जिनमें 9 नामजद और 15 अज्ञात शामिल हैं।

AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की क्या प्रतिक्रिया रही?

👉 ओवैसी ने कहा कि ‘I Love Muhammad कहना कोई जुर्म नहीं है, अगर है तो इसकी हर सजा मंजूर है।’ उनके बयान के बाद मामला और तूल पकड़ गया।