‘बाबरी मस्जिद’ के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगने की हिम्मत क्यों नहीं करता विपक्ष : पाठक

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‘बाबरी मस्जिद’ के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगने की हिम्मत क्यों नहीं करता विपक्ष : पाठक

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 06:19 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 06:19 PM IST

बाराबंकी, 12 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगातार निशाना साध रहे विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए रविवार को कहा कि ये पार्टियां अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगने की हिम्मत क्यों नहीं करतीं।

पाठक ने बाराबंकी स्थित जिला अस्पताल में पौधरोपण अभियान की शुरुआत करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “विपक्ष धन्नीपुर में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगने की हिम्मत क्यों नहीं करता?”

उच्चतम न्यायालय ने नवंबर 2019 में अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में फैसला सुनाते हुए हिंदुओं को विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

शीर्ष अदालत के फैसले के बाद राज्य सरकार ने अयोध्या नगर से करीब 25 किलोमीटर दूर धन्नीपुर गांव में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को जमीन दी थी। हालांकि, छह साल से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद उस पर मस्जिद के निर्माण की अभी तक शुरुआत नहीं हुई है।

पाठक ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले जनता को गुमराह करते रहे और अब सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और उसके निर्माण का विरोध करते थे, आज वही लोग मर्यादा और नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी नहीं चाहता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया और केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयासों के चलते यह सपना साकार हुआ।

भाषा

सं सलीम पारुल

पारुल