‘धोखे’ के लिये प्रधानमंत्री को जवाबदेह ठहराएंगे : राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कांग्रेस का हमला

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‘धोखे’ के लिये प्रधानमंत्री को जवाबदेह ठहराएंगे : राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कांग्रेस का हमला

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 09:20 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 09:20 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “चुप्पी” पर सवाल उठाए और कहा कि देश “आस्था से विश्वासघात” के लिए भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कभी माफ नहीं करेगा।

इस बात का जिक्र करते हुए कि कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर देश भर में 48 संवाददाता सम्मेलन किये हैं, पार्टी के महासचिव (प्रभारी संचार) जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से “चोरी घोटाले” पर “अपनी चुप्पी तोड़ने” की मांग की।

रमेश ने हिंदी में ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट में कहा कि इससे पहले, 26 जून और नौ जुलाई के बीच नयी दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित आठ संवाददाता सम्मेलन के जरिए प्रधानमंत्री से जवाब मांगे गए थे।

रमेश ने रविवार को पार्टी की ओर से मणिपुर, गोवा, मदुरै और भुवनेश्वर समेत 13 जगहों पर किये गये संवाददाता सम्मेलन के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा,“चाहे प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस और भाजपा जितनी भी कोशिश कर लें, कांग्रेस देश के करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट करने वाले अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी के इस विश्वासघात पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जवाबदेही के लिए मजबूर करके ही दम लेगी।”

रमेश ने भाजपा-आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे पर्दे के पीछे “चोरी का धंधा” चलाते हुए भगवान राम के नाम पर चढ़ावा इकट्ठा कर रहे हैं।

रमेश ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का घिनौना काम भक्तों के साथ किया गया एक बहुत बड़ा धोखा है।

उन्होंने कहा, “अब तक सारे रुझान कह रहे हैं कि एसआईटी का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा-आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व ने इस चोरी के लिए जिम्मेदार अपने खास लोगों को ‘सेफ एग्जिट’ (सुरक्षित निकलने) दिया, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई भी इस काले खेल के असली सूत्रधारों को बचाने की कोशिश ही साबित हुई है।”

रमेश ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पार्टी की मांगों को फिर से दोहराया।

रमेश ने पूर्व में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, “चंदा चोरी: आस्था से धोखा। भगवान श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का खुलासा हुए आज एक माह बीत चुका है, पर हर चीज का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी जवाबदेही के नाम पर मौन मोदी बने हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर रोज नए तथ्यों से खुल रही है।

रमेश ने कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में रोजाना लाखों रुपये गायब होने की बात मामले को रफा-दफा करने के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) को भी माननी पड़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, “भगवान श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता, पर फिर भी यह राम द्रोही सरकार असली गुनाहगारों को बचाने में लगी है।”

रमेश ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही कहती आई है कि एसआईटी, प्राथमिकी और इस्तीफे बस देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने के प्रयास हैं।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मामले को दबाने की सरकारी कोशिशों से स्पष्ट हो गया है कि चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं, जिसके कारण मोदी सरकार उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और उनका दबदबा आज भी कायम है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस की निम्नलिखित मांग हैं: उच्चतम न्यायालय की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।”

रमेश ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है: यह चुप्पी क्यों? मोदी जी के संरक्षण में भाजपा-आरएसएस द्वारा सुनियोजित तरीके से आस्था के नाम पर किए जा रहे इस विश्वासघात के लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।”

कांग्रेस ने शनिवार को चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की कोशिश की। पार्टी ने इस मुद्दे पर उनकी “चुप्पी” पर सवाल उठाए और कहा कि वह संसद के आगामी सत्र में उनसे जवाब मांगेगी।

कांग्रेस और दूसरे विरोधी दलों के हमलों के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि चढ़ावा चोरी के मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया है कि जो विपक्षी दल कभी राम मंदिर निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को बांटने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सात जून को सामने आया था।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।

मंदिर में चढ़ावे और गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को अब तक गिरफ़्तार किया गया है, जबकि जांच जारी है।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश