नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) दिल्ली में 22 वर्षीय युवती को अपनी पूर्व सहयोगी की एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को साझा करके उसे बदनाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ये तस्वीरें साझा कीं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में पूर्व में संविदा संस्कृत शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी और पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उसे पुरानी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी न केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ऐप का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ की गई सामग्री तैयार करती थी, बल्कि वह तंत्र-मंत्र में भी लिप्त थी।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोपी के पास से अजीबोगरीब प्रतीकों और संख्यात्मक क्रमों वाली तीन हस्तलिखित पर्चियां बरामद की गईं।’’
शिकायतकर्ता, जो आरोपी के ही स्कूल की 25 वर्षीय शिक्षिका है, ने पुलिस से शिकायत की कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसके नाम से कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए हैं और आपत्तिजनक, छेड़छाड़ की गई तस्वीरें अपलोड की हैं।
पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘इन अकाउंट का इस्तेमाल शिकायतकर्ता के छात्रों और सहकर्मियों को ‘फॉलो’ करने के अनुरोध भेजने के लिए किया गया, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।’’
अधिकारी ने कहा कि कथित तौर पर आरोपी ने एआई-आधारित उपकरणों का इस्तेमाल करके ऐसी तस्वीरें गढ़ी थीं जिनमें शिकायतकर्ता का एक पुरुष के साथ संबंध होने का झूठा चित्रण किया गया था।
उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भाषा शफीक नरेश
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