हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में महिलाओं का प्रवेश, कोर्ट का दिल्ली सरकार, पुलिस, कानून मंत्रालय और ट्रस्ट को नोटिस

हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में महिलाओं का प्रवेश, कोर्ट का दिल्ली सरकार, पुलिस, कानून मंत्रालय और ट्रस्ट को नोटिस

हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में महिलाओं का प्रवेश, कोर्ट का दिल्ली सरकार, पुलिस, कानून मंत्रालय और ट्रस्ट को नोटिस
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: December 10, 2018 9:52 am IST

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, कानून मंत्रालय, हजरत निजामुद्दीन औलिया ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। कुछ लॉ स्टूडेंट्स ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में कहा है कि दरगाह के बाहर हिंदी और अंग्रेजी में नोटिस लगा हुआ है, जिसके मुताबिक दरगाह में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति नही है।

याचिका में कहा गया है कि ये लॉ स्टूडेंट्स 27 नवंबर को दरगाह गई थीं। तब उन्हें दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी के बारे में जानकारी मिली। हालांकि इसक बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस, दरगाह का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट से दरगाह में प्रवेश के लिए आग्रह किया। लेकिन किसी से उन्हें उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए मजबूरन उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने पड़ी।

लॉ स्टूडेंट्स ने याचिका में मांग की है कि वह केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस, दरगाह का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट को निर्देश दे कि दरगाह में महिलाओ को अंदर जाने से कोई रोक नहीं सकता। साथ ही, यह भी कि  महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है।

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याचिका में केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और दरगाह का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट को निर्देश देने की मांग की गई है कि महिलाओं का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश तय करें और महिलाओं के प्रवेश की अनुमति पर रोक को ‘असंवैधानिक’ घोषित करें। पुणे की लॉ स्टूडेंट्स ने कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला में हर उम्र वर्ग की महिलाओं को प्रवेश देने की अनुमति दे दी है तो फिर राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को दरगाह में प्रवेश देने से क्यों रोका जा रहा है।


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