Women Reservation Bill Fail 2026 : “विपक्ष ने अपने ताबूत में ठोंकी आखिरी कील”, बिल फेल होने के बाद फूटा शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा, गृह मंत्री समेत इन दिग्गज नेताओं ने भी साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण सहित तीन अहम बिल पास नहीं हो सके, जिससे सियासी घमासान तेज हो गया है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर आरोप लगाए, वहीं विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 10:41 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 10:46 PM IST

Women Reservation Bill Fail 2026 / Image Source : Screengrab

HIGHLIGHTS
  • लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने से महिला आरक्षण बिल गिरा
  • सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर लगाया बिल रोकने का आरोप
  • नेताओं के तीखे बयान से सियासी माहौल गरमाया

नई दिल्ली : Women Reservation Bill Fail 2026  संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन महिला आरक्षण सहित तीन महत्वपूर्ण बिल लोकसभा में गिर गए हैं। वोटिंग के दौरान सरकार को जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, जिसके कारण यह ऐतिहासिक बिल पास होने से रुक गया। इस विफलता पर सत्ता पक्ष ने गहरा दुख जताया है, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष, विशेषकर INDIA गठबंधन पर बहनों के साथ धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर जमकर निशाना साधा है।

महिला विरोधी विपक्ष ने नहीं किया विश्वास

उन्होंने लिखा की कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने एक बार फिर देश की बहनों के साथ धोखा किया है और बेटियों के साथ धोखा किया है। ( Shivraj Singh Chouhan X Post )  प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने विपक्ष की हर आशंका को निराधार साबित कर दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि किसी भी राज्य के साथ कोई अन्याय या नुकसान नहीं होगा। लेकिन महिला विरोधी विपक्ष ने उन पर विश्वास नहीं किया।

बहनों की उम्मीदों पर मरी कुल्हाड़ी

उन्होंने आगे लिखा की आज सिर्फ एक बिल नहीं गिरा। आज बहनों की उम्मीदों पर कुल्हाड़ी मारी गई। महिला विरोधी कांग्रेस और INDIA ब्लॉक ने बहनों को मज़बूत बनाने की कोशिशों को कुचल दिया। उन्होंने बहनों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने उनकी उम्मीदों को कुचल दिया। उन्होंने उनके अंदर की संभावनाओं को खत्म कर दिया और बहनों की भावनाओं को चोट पहुंचाई, जो शक्ति की मिसाल हैं।

” औरत, तुम बस मजबूर हो”

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की सोच है – “औरत, तुम बस मजबूर हो।” आज़ादी के अमृत काल में, जब महिलाओं की अपार क्षमता का इस्तेमाल एक विकसित भारत बनाने में होना चाहिए था, विपक्ष ने उसी शक्ति को कुचलने और खत्म करने का पाप किया है। इस बिल को हराकर, कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने अपने ही ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है।
अब, बहनें सड़कों पर उतरेंगी और कांग्रेस के भविष्य की संभावनाओं को कुचलकर खत्म कर देंगी।

विपक्ष को झेलना पड़ेगा महिलाओं का आक्रोश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा की आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। ( Amit Shah on Lok Sabha Vote )नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।

नारी शक्ति के अपमान की बात यहाँ नहीं रुकेगी

अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मै उन्हें बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।

कंगना रनौत ने भी दी प्रतिक्रिया

बीजेपी की संसद कंगना रनौत ने कहा, “…सभी बेटियों और महिलाओं का हौसला टूट गया है। मुझे नहीं लगता कि विपक्ष में किसी ने ऐसी उम्मीद की थी।( Kangana Ranaut Reaction ) यह मेरे लिए पर्सनल नुकसान जैसा है जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि हम यह पक्का करेंगे कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलें, हमें प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा है।

नितिन नबीन ने भी दी प्रतिक्रिया

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, “कांग्रेस के महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ धोखा किया है. कांग्रेस का महिला विरोधी गठबंधन पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। Nitin Nabin News हम इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरेंगे. आने वाले समय में महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी।

 

महिला विरोधी गठबंधन है INDIA

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “विपक्ष ने आज एक बात साफ कर दी है कि INDIA गठबंधन महिला विरोधी गठबंधन है आने वाले दिनों में विपक्ष को इससे बहुत बड़ा नुकसान होगा। हमें विरोध करने की जरूरत नहीं है। आधी आबादी खुद ही इसका विरोध करेगी। जब तक हम महिला आरक्षण लागू नहीं करते, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”

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महिला आरक्षण बिल क्यों पास नहीं हो सका?

बिल को पास करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिसके कारण यह लोकसभा में गिर गया।

सत्ता पक्ष की क्या प्रतिक्रिया रही?

सत्ता पक्ष के नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ जाकर बिल का समर्थन नहीं किया।

अब आगे क्या होगा?

इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी रहेगी और भविष्य में इसे फिर से लाने या नए स्वरूप में पेश करने की संभावना बनी रह सकती है।