युवा रामायण और गीता का अध्ययन करें: वासुदेव देवनानी

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युवा रामायण और गीता का अध्ययन करें: वासुदेव देवनानी

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 10:09 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 10:09 PM IST

जयपुर, 28 अप्रैल (भाषा) राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को युवाओं को सनातन परंपराओं के ‘वैज्ञानिक पहलुओं’ के बारे में शिक्षित करने और उन्हें रामायण तथा गीता जैसे ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

देवनानी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही जहां मंदिर प्रबंधन, सामाजिक संरचना और जनजागरुकता पर चर्चा हुई।

देवनानी ने कहा कि सनातन मूल्यों को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने के लिए गहन विचार-विमर्श के साथ-साथ व्यावहारिक पहल की आवश्यकता है।

उन्होंने सनातन को शाश्वत बताते हुए कहा कि ऐसे संवाद निरंतर होते रहने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक व्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरुकता जैसे मुद्दों पर वर्तमान संदर्भ में गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।

देवनानी ने कहा, ‘‘सनातन संस्कृति हमारी पहचान और समाज की नींव है। संवाद, जागरुकता और सक्रिय भागीदारी इसे मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।’’

कार्यक्रम में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।

भाषा बाकोलिया शोभना

शोभना