Vande Bharat: कोलकाता में ‘IT’ का प्रहार, ममता ने केंद्र सरकार को दी खुली चुनौती, सीएम सरमा ने सियासी रण में लगाया तड़का, महामुकाबले में किसे जीत दिलाएगी जनता?

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West Bengal Assembly Election 2026: बंगाल में सियासी बयानबाजी और केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने माहौल को और भी गरमा दिया है।

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 11:57 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 11:58 PM IST

West Bengal Assembly Election 2026/ image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है।
  • केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने माहौल को और भी गरमा दिया है।
  • कोलकाता में आयकर विभाग की छापेमारी ने हलचल मचा दी।

West Bengal Assembly Election 2026: नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख नजदीक आ रही है, सियासी बयानबाजी और केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने माहौल को और भी गरमा दिया है। आज सुबह-सुबह कोलकाता में आयकर विभाग की छापेमारी ने हलचल मचा दी, तो दूसरी तरफ कूच बिहार की रैलियों में ममता बनर्जी और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच जुबानी जंग देखने को मिली।

शुक्रवार की सुबह कोलकाता के मणोहरपुकुर रोड पर भारी गहमागहमी के साथ शुरू हुई। आयकर विभाग के अधिकारियों ने सुबह ठीक 6:00 बजे TMC विधायक और राशबेहारी सीट से उम्मीदवार देबाशीष कुमार के घर और दफ्तर पर धावा बोल दिया। चुनावी सरगर्मी के बीच हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव फैल गया और (West Bengal Assembly Election 2026) टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए जमकर नारेबाजी की। वहीं, चुनावी मैदान में उतरीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूच बिहार की जनसभा से सीधे केंद्र सरकार को चुनौती दी। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

West Bengal Assembly Election 2026:  इस सियासी रण में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी तड़का लगाया। कूच बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। (West Bengal Assembly Election 2026) सरमा ने दावा किया कि उन्होंने असम में घुसपैठ पर पूरी तरह ताला लगा दिया है, लेकिन पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का स्वागत ‘दुल्हन’ की तरह किया जा रहा है।

बंगाल की जमीन पर एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियों का प्रहार है, तो दूसरी तरफ घुसपैठ और तुष्टीकरण के गंभीर आरोप। अब देखना ये होगा कि जनता इस महामुकाबले में किसे जीत दिलाता है।

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