Bhoot Bangla Review in Hindi: हंसी के साथ डर का डबल डोज! अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ देख लोग बोले- हंसते-हंसते कब डर जाएंगे, पता ही नहीं चलेगा!

Bhoot Bangla Review in Hindi: 'भूत बंगला' का पहला भाग अक्षय कुमार और कॉमिक तिकड़ी की जबरदस्त टाइमिंग से खूब हंसाता है। लेकिन दूसरे हिस्से में हॉरर कहानी असर खो देती है। विजुअल्स ठीक-ठाक हैं, परंतु कहानी और ट्रीटमेंट कमजोर लगते हैं। फिर भी यह परिवार संग मनोरंजक फिल्म बन जाती है।

Bhoot Bangla Review in Hindi: हंसी के साथ डर का डबल डोज! अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ देख लोग बोले- हंसते-हंसते कब डर जाएंगे, पता ही नहीं चलेगा!

(Bhoot Bangla Review in Hindi/ Image Credit: X)

Modified Date: April 17, 2026 / 04:01 pm IST
Published Date: April 17, 2026 3:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अक्षय कुमार की शानदार फिजिकल कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।
  • पहला हाफ हंसी से भरपूर और बेहद एंटरटेनिंग है।
  • दूसरा हाफ हॉरर में थोड़ा कमजोर और बिखरा हुआ लगता है।

Bhoot Bangla Review in Hindi: अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला‘ सिर्फ एक साधारण हॉरर-कॉमेडी नहीं है, बल्कि इसमें कई हल्के-फुल्के लेकिन सोचने पर मजबूर करने वाले मैसेज भी छिपे हैं। फिल्म मजाकिया अंदाज में बताती है कि सिर्फ दिखावे से जिम्मेदारी नहीं आती, असली जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। साथ ही, इसमें आधुनिक जिंदगी की छोटी-छोटी जरूरतों पर भी तंज कसा गया है, जैसे मोबाइल में नेटवर्क हो या न हो, लेकिन टॉर्च जरूर होनी चाहिए। इसके अलावा फिल्म में नेपोटिज्म जैसे मुद्दे को भी मजाकिया ढंग से छुआ गया है। जो कहानी को थोड़ा अलग बनाता है।

अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की वापसी

कॉमेडी फिल्मों के शौकीन लंबे समय से अक्षय कुमार और डायरेक्टर प्रियदर्शन की जोड़ी का इंतजार कर रहे थे। इस जोड़ी ने पहले कई यादगार फिल्में दी हैं। जिनमें शानदार कॉमिक टाइमिंग और दिलचस्प कहानी देखने को मिली थी। अक्षय कुमार की खासियत उनकी फिजिकल कॉमेडी है, जिसे वह बेहद सहज तरीके से निभाते हैं। वहीं प्रियदर्शन की खास बात यह है कि वह साधारण सी कहानी को भी मजेदार और एंटरटेनिंग बना देते हैं। ऐसे में ‘भूत बंगला‘ से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा थीं।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी मीरा, उसके भाई अर्जुन और उनके पिता के इर्द-गिर्द घूमती है। मीरा की शादी उसके पसंदीदा लड़के से हो सके इसके लिए परिवार हर संभव कोशिश करता है। इसी दौरान उन्हें पता चलता है कि उनके दादाजी ने एक पुराना महल मीरा के नाम कर दिया है। परिवार इस महल में शादी करने का फैसला करता है और मंगलपुर पहुंच जाते हैं।

लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चलता है कि इस महल में एक खतरनाक राक्षस का साया है, जो खासतौर पर नई दुल्हनों को निशाना बनाता है। इसके बावजूद परिवार शादी की तैयारी में जुटा रहता है। जिससे कहानी में हास्य और सस्पेंस दोनों पैदा होते हैं।

पहला हाफ: कॉमेडी का दमदार तड़का

फिल्म का पहला हिस्सा इसकी सबसे बड़ी ताकत है। अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की तिकड़ी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग के साथ दर्शकों को हंसाने में सफल रहती है। उनके बीच की नोकझोंक, मजेदार डायलॉग्स और फिजिकल कॉमेडी फिल्म को बेहद मनोरंजक बना देते हैं। प्रियदर्शन की खास शैली यहां साफ नजर आती है, जहां एक ही सेट में कई किरदारों के बीच अफरातफरी और गलतफहमियां हंसी का माहौल बनाती हैं। यही वजह है कि फिल्म का पहला हाफ दर्शकों को बांधे रखता है और उन्हें खूब हंसाता है।

दूसरा हाफ: कहानी का बिखराव

इंटरवल के बाद फिल्म हॉरर की ओर मुड़ती है। लेकिन यहीं से इसकी कमजोरी सामने आने लगती है। कहानी में अचानक कई नए तत्व जुड़ जाते हैं, जैसे राक्षस की कहानी, पुरानी पारिवारिक बातें और धार्मिक पहलू। लेकिन इन सबको ठीक से जोड़ा नहीं गया। जिससे कहानी बिखरी हुई लगती है।

फिल्म में कुछ रिश्तों और घटनाओं को शुरू तो किया गया। लेकिन उन्हें सही तरीके से खत्म नहीं किया गया। इससे दर्शकों को अधूरापन महसूस होता है। राक्षस का डर भी उतना असरदार नहीं बन पाता, जितना शुरुआत में लगता है।

विजुअल्स, VFX और ट्रीटमेंट

फिल्म के विजुअल्स और VFX औसत से बेहतर हैं। भूत और क्लाइमेक्स के सीन देखने में अच्छे लगते हैं और कुछ जगहों पर प्रभाव भी छोड़ते हैं। सेट डिजाइन और लोकेशन फिल्म के माहौल को मजबूत बनाता है। हालांकि, फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसका ट्रीटमेंट और राइटिंग है। कहानी में गहराई और मजबूत मैसेज की कमी साफ दिखाई देती है। अगर फिल्म में हॉरर के साथ कोई ठोस सामाजिक या भावनात्मक पहलू जोड़ा जाता तो यह और प्रभावशाली बन सकती थी।

किसलिए देखें ये फिल्म

कुल मिलाकर ‘भूत बंगला‘ एक ऐसी फिल्म है जो अपने पहले हाफ में दर्शकों को खूब हंसाती है। लेकिन दूसरे हाफ में कमजोर पड़ जाती है। अक्षय कुमार और बाकी कलाकारों की शानदार परफॉर्मेंस फिल्म को संभालने की पूरी कोशिश करती है। यह एक हल्की-फुल्की फैमिली एंटरटेनर है। जिसे बिना ज्यादा उम्मीदों के देखा जाए तो मजा आता है। अगर आप अच्छी कॉमेडी के शौकीन हैं और परिवार के साथ एक मनोरंजक फिल्म देखना चाहते हैं तो ‘भूत बंगला‘ आपके लिए सही विकल्प हो सकती है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।