मूवी रिव्यू: ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’
मूवी रिव्यू: 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का'
फिल्म- लिपस्टिक अंडर माय बुर्का
स्टार कास्ट- रत्ना पाठक शाह, प्लाभिता बोरठाकुर, कोंकणा सेन शर्मा, अहाना कुमरा, सुशांत सिंह, विक्रांत मास्सी, शशांक अरोड़ा
डायरेक्टर- अलंकृता श्रीवास्तव
प्रोड्यूसर- प्रकाश झा, एकता कपूर
फिल्म की कहानी- उषा जी यानी रत्ना पाठक जो पूरे मोहल्ले की बुआ है. बच्चों से लेकर बड़े तक उन्हें बुआ कहकर बुलाते हैं. उम्र यही कोई 55 साल की होगी. जिसे अश्लील साहित्य पढ़ने का शौक है. उनकी बढ़ती उम्र में कहीं न कहीं उनकी जवान ख्वाहिशें सारे बंधन तोड़ रही होती हैं. उनके अंदर एक रोजी मचल रही होती है बाहर आने के लिए. सेक्स करने के लिए. किसी की बाहों में भर जाने के लिए.
दूसरी महिला है शीरीन यानी कोंकणा सेन शर्मा. जो एक मुस्लिम औरत हैं. सेल्सगर्ल का काम करती हैं. पति दुबई में रहता है. जब भी घर आता है तो अपनी बीवी को एक जानवर की तरह हर रात बिस्तर पर रोंदता है. पति-पत्नी का एक ऐसा रिश्ता जो बताता है प्यार और भूख में अंतर होता है. शीरीन नहीं चाहती वो सारी जिंदगी एक बच्चा पहनने की मशीन बनकर बिता दे. उसका दिल कुछ और भी करने के लिए मचलता है.
तीसरी महिला थी लीली, अहाना कुमरा. जिसे एक कैमरामैन से बेहद प्यार है. लीला सेक्स की शौकीन है. वो अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है लेकिन उसकी मां एक अच्छे कमाऊ लड़के से उसकी शादी करना चाहती है.
चौथी महिला है रिहाना यानी प्लाबिता बोर्थाकुर. उसके मां-बाप चाहते हैं वो एक साधारण लड़की की तरह बुर्के में रहे. लेकिन रिहाना का इस बुर्के में दम घुटता है. वो बाहर निकलने की तरह मछली की तरह तड़पती रहती है. वो जीना चाहती है दूसरी लड़कियों की तरह. रिहाना जींस, शराब और माइली साइरस जैसे रॉकस्टार बनने के सपने देखती है.
फिल्म में सभी कलाकारों के अभिनय के बारे में बात करे तो फिल्म में हर किरदार ने अपनी-अपनी ओर से शानदार अभिनय को अंजाम दिया है. रत्ना पाठक की अदाकारी बहुत ही कमाल की है जो हंसाने के साथ-साथ आपको सोचने पर भी मजबूर करती है. वहीं कोंकणा सेन शर्मा, अहाना कुमरा और प्लाभिता ने भी उम्दा काम किया है. सुशांत सिंह और विक्रांत मासी की एक्टिंग भी बेहतरीन है जो किरदार और कहानी के संग-संग जाती है.

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