Vasudha: चंद्रिका के क़दमों में टूटी वसुधा की हिम्मत! कड़वे सच का हुआ खुलासा.. क्या ख़त्म हुई देव-वसुधा की कहानी या होगी नई जंग की शुरुआत?

Vasudha: 'वसुधा' के आगामी एपिसोड में दर्शकों को एक बेहद भावुक मोड़ देखने को मिलेगा, जहां एक बड़ा त्याग देव और वसुधा के रिश्ते को हमेशा के लिए बदल देगा..

Vasudha: चंद्रिका के क़दमों में टूटी वसुधा की हिम्मत! कड़वे सच का हुआ खुलासा.. क्या ख़त्म हुई देव-वसुधा की कहानी या होगी नई जंग की शुरुआत?

Vasudha 24th July 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TellyChakkar

Modified Date: July 24, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: July 24, 2026 4:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • देव की बाहों में आख़िरी बार रोई वसुधा!
  • एक कड़वे सच ने उजाड़ी देव-वसुधा की दुनिया!

Vasudha: ‘ZEE TV’ के सबसे पसंदीदा शो वसुधा के आगामी एपिसोड में दर्शकों को एक बेहद भावुक मोड़ देखने को मिलेगा, जहां एक बड़ा त्याग देव और वसुधा के रिश्ते को हमेशा के लिए बदल देगा।

Vasudha Upcoming Twist: चंद्रिका के पैरो में गिरी वसुधा!

मंदिर में गुरु जी से चौंकाने वाला सच जानने के बाद, वसुधा का दिल टूट जाता है। वह चंद्रिका को खुद को कोड़े मारने से रोकती है और रोते हुए चंद्रिका के पैरों में गिरकर कहती है कि अब उस कड़वे सच का पता चल चूका है, कि चंद्रिका उसे चौहान परिवार की बहू के तौर पर क्यों नहीं अपनाना चाहती थीं।

चंद्रिका के प्रति वसुधा का निश्छल प्रेम!

रोते हुए वसुधा चंद्रिका से कहती है कि अगर उसे पहले ही सच बता दिया गया होता, तो वह खुद चुपचाप चौहान परिवार से दूर चली जाती, बजाय चंद्रिका चुपचाप इतनी तकलीफ सहती रहती। चंद्रिका के शरीर पर लगी चोटों को देखकर, वसुधा धीरे-धीरे उसके घावों पर मरहम लगाती है। वसुधा की इस निश्छल ममता को देखकर, चंद्रिका अपने आँसू नहीं रोक पाती क्योंकि उसे एहसास होता है कि वसुधा उसके दर्द को कितनी गहराई से महसूस करती है।

Vasudah 24th July 2026 written update: वसुधा का दर्दनाक फैसला!

प्रभात की जान की रक्षा और संतोष की ख़ुशी के लिए, वसुधा एक बहुत बड़ा कदम उठाती है। वह चौहान परिवार को छोड़कर हमेशा के लिए मोगरा वापस लौट जाने का मन बना लेती है, ताकि चंद्रिका को कभी भी अपने पति और बहु में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर न होना पड़े।

फैसला सुनकर छटपटाता देव!

लेकिन देव, वसुधा को अकेले यह त्याग करने नहीं देना चाहता। वह वसुधा को समझाता है कि मोगरा जाने का मतलब सिर्फ चौहान हवेली छोड़ना नहीं है बल्कि उसे भी हमेशा के लिए छोड़ना होगा। देव नम आँखों से उससे सवाल करता है कि क्या वह वाकई उनके रिश्ते को इस तरह ख़त्म करके, उससे दूर रहकर अपनी पूरी ज़िन्दगी बिता सकती है?

वसुधा भीतर से पूरी तरह बिखर जाती है। देव के प्रति अपनी मोहब्बत और चंद्रिका व प्रभात की चिंता के बीच फंसी वसुधा, आख़िरकार अपनी ख़ुशी त्यागने का मन बना लेती है। छलकती आँखों से वह उस इंसान से हमेशा के लिए दूर जाने का फैसला करती है जिसे वह सबसे ज्यादा चाहती है, ताकि वह उस परिवार की रक्षा कर सके जिसने उसे अपनी पलकों पर बिठाया था।

 

अब बड़ा सवाल तो यह कि क्या देव वाकई वसुधा को मोगरा जाने देगा? या क्या वह अपने प्यार को अपने पास रखने के लिए अपनी किस्मत से भी लड़ने के लिए तैयार हो जाएगा?

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लेखक के बारे में

Swati Shah, Since 2023, I have been working as an Executive Assistant at IBC24, No.1 News Channel in Madhya Pradesh & Chhattisgarh. I completed my B.Com in 2008 from Pandit Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G). While working as an Executive Assistant, I enjoy posting videos in the digital department.