हिंगोली, 19 अगस्त (भाषा) ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के एक सरकारी स्कूल को देखकर ऐसा लगता है कि मानो वह 1960 के दशक में ही अटका हुआ है।
दीपके ने दावा किया कि स्कूल में कक्षाओं और शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए थे। उन्होंने कहा कि शौचालयों के नल भी गायब थे।
कॉजपा ने पिछले हफ्ते ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया। दीपके ने इसी अभियान के तहत मंगलवार को अपने गृह जिले हिंगोली के कडोली गांव स्थित एक सरकारी स्कूल का दौरा किया।
वह स्कूल की छुट्टी के बाद शाम करीब साढ़े सात बजे वहां पहुंचे और पूरे परिसर का जायजा लिया।
दीपके के स्कूल दौरे और बाद में ग्रामीणों के साथ उनकी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
कॉजपा संस्थापक ने कहा, ‘‘ऐसा लगा जैसे मैं 1960 के दशक के किसी स्कूल में आया हूं। टिन की छत वाले पुराने शौचालय, टूटे हुए दरवाजे। शौचालयों में कोई नल नहीं। इन शौचालयों का क्या किया जाए? संबंधित लोगों ने स्कूल परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं निभाई।’’
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की भी आलोचना करते हुए कहा, ‘‘गांव वाले भी गलत हैं, क्योंकि वे चुप रहे।’’
ग्रामीणों का आरोप है कि अगर कोई स्कूल की खराब हालत के खिलाफ आवाज उठाता है, तो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता उन्हें परेशान करते हैं और मामलों में फंसा देते हैं।
दीपके ने कहा, ‘‘अगर कोई आवाज उठाता है और मामला दर्ज किया जाता है, तो ऐसा एक, दो या तीन लोगों के साथ हो सकता है। लेकिन अगर पूरा गांव आवाज उठाए, तो मामला कैसे दर्ज होगा?’’
उन्होंने कहा, ‘‘गांव वालों को संबंधित प्रखंड विकास अधिकारी से कहना चाहिए कि वह अगले दस दिन में स्कूल की मरम्मत का काम शुरू करें, वरना हम आंदोलन करेंगे।’’
इससे पहले, मंगलवार को हिंगोली के ढेगाज गांव के एक सरकारी स्कूल में छात्रों से कक्षा में कथित तौर पर झाड़ू लगवाए जाने के घटनाक्रम पर दीपके ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
भाषा सुरभि पारुल
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