MLA Pannalal Shakya Viral Video/Image Credit: AI
MLA Pannalal Shakya Viral Video: गुना: मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा के वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य अपने बयानों को लेकर एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं। दरअसल विधायक शाक्य ने गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में आयोजित जिला स्तरीय ‘बलराम महोत्सव’ के दौरान सार्वजनिक मंच से सम्बोधित करते हुए सीता माता को लेकर विवादित बयान दिया है। विधायक शाक्य ने महाकाव्य रामायण का उदाहरण देते हुए माता सीता के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। पन्नालाल शाक्य ने माता सीता को ‘मौत का सामान’ कह डाला, जिसके बाद न केवल कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए, बल्कि मंच पर ही मौजूद भाजपा की महिला विधायक प्रियंका पेंची (चांचौड़ा विधायक) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें बीच में ही टोक दिया।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए बलराम महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया था। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पन्नालाल शाक्य पारंपरिक और प्राकृतिक खेती पर जोर दे रहे थे, लेकिन इसी दौरान वे इतिहास और पौराणिक कथाओं के उदाहरण देने लगे। (MLA Pannalal Shakya Viral Video) रामायण के युद्ध का जिक्र करते हुए शाक्य ने कहा, “रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को ले जाना गलत है। ये तो मौत का सामान है। उसे सम्मान के साथ वापस भेज देना चाहिए।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर माता सीता से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।
सीता माता ‘मौत का सामान’ है ।
यह BJP विधायक पन्नालाल शाक्य है pic.twitter.com/gmfNz3wzIm
— Priya singh (@priyarajputlive) August 19, 2026
MLA Pannalal Shakya Viral Video: अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए भाजपा विधायक ने लैंगिक आधार पर युद्धों का अजीब विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि इतिहास या पुराणों के किसी भी युद्ध में महिलाओं की मौत नहीं हुई, बल्कि हमेशा पुरुषों को ही अपनी जान गंवानी पड़ी। शाक्य ने कहा, “रामायण के युद्ध में कोई महिला नहीं मरी, बल्कि पुरुष ही मरे। पुरुष के लिए कोई महिला नहीं मरी है, जबकि महिलाओं के लिए सिर्फ पुरुष ही मरे हैं।” इसके बाद उन्होंने महाभारत के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस महायुद्ध में एक करोड़ से अधिक पुरुष मारे गए, लेकिन महिलाएं नहीं मरी। अपने दावों को पुख्ता करने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक चरित्र पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संयोगिता के कारण पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत कन्नौज से लेकर दिल्ली तक मारे गए, लेकिन इन सभी घटनाओं में केवल पुरुषों की ही मृत्यु हुई।
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