Bhagat Singh Birth Anniversary: शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि! सोशल मीडिया पर युवाओं ने किया नमन

Ads

देश आज शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 118वीं जयंती मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे भारत में श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियाँ और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया।

  •  
  • Publish Date - September 28, 2025 / 01:02 PM IST,
    Updated On - September 28, 2025 / 01:02 PM IST

Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, युवाओं में दिखा नया जोश।
  • देशभर में डिजिटल और ज़मीनी आयोजन देखने को मिला।
  • लाखों युवाओं ने पोस्ट और रील्स के ज़रिए श्रद्धांजलि दी।

Bhagat Singh Birth Anniversary: देश आज शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 118वीं जयंती मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे भारत में श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियाँ और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। सोशल मीडिया से लेकर स्कूल-कॉलेजों तक, हर जगह भगत सिंह के विचारों और बलिदान को याद किया गया।

भगत सिंह, जिनका जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले (अब पाकिस्तान में) में हुआ था, भारत की आज़ादी की लड़ाई के सबसे युवा और प्रेरणादायक चेहरों में से एक रहे। उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए फांसी का फंदा हंसते-हंसते चूमा। लेकिन उनका योगदान केवल एक क्रांतिकारी के रूप में नहीं था वो एक गहरे चिंतक, लेखक और विचारशील युवा भी थे।

राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों में कार्यक्रम

दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों ने भगत सिंह के लेखों पर चर्चा की और उनके विचारों को आज के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में समझने की कोशिश की। कई संस्थाओं ने “भगत सिंह के सपनों का भारत” विषय पर निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी आयोजित कीं। पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (पूर्व नाम नवांशहर) में हजारों लोग श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे। भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में भी भव्य समारोह हुआ, जहां उनके जीवन से जुड़ी प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #BhagatSinghJayanti

आज के डिजिटल युग में भगत सिंह का प्रभाव और भी गहराई से महसूस किया जा रहा है। सुबह से ही #BhagatSinghJayanti, #ShaheedBhagatSingh और #LegendNeverDies जैसे हैशटैग ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहे हैं। युवाओं ने उनकी तस्वीरों, कोट्स और विचारों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

एक यूजर ने लिखा, “भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, एक विचार है। जो हर पीढ़ी को जगाता रहेगा।” कई युवाओं ने उनके लेख जैसे “मैं नास्तिक क्यों हूं” को पढ़ने की अपील की और उनके विचारों को आज के भारत से जोड़कर देखा।

राजनीतिक दलों ने भी दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, “भगत सिंह का साहस, समर्पण और देशप्रेम हमें सदा प्रेरित करता रहेगा।” कई राज्यों में भगत सिंह के नाम पर योजनाओं और पार्कों की घोषणा भी की गई।

भगत सिंह आज भी केवल इतिहास के पन्नों में नहीं हैं, बल्कि हर उस युवा के विचारों में जीवित हैं, जो समाज को बदलने की आग अपने भीतर लिए चलता है। उनकी जयंती पर देश ने सिर्फ एक क्रांतिकारी को नहीं, बल्कि एक विचारधारा को सलाम किया जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 100 साल पहले थी।

इन्हे भी पढ़ें- They Call Him OG’ Review: पहले ही दिन फिल्म को मिले मिक्स्ड रिएक्शन, जानिए कैसी है पवन कल्याण की ‘ओजी’? फैंस बोले..

Zubeen Garg: जुबिन गर्ग की अंतिम यात्रा ने लिखा इतिहास, लगी इतनी भीड़ कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज…

भगत सिंह का असली उद्देश्य क्या था?

उनका उद्देश्य केवल आज़ादी नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और शोषण-मुक्त भारत बनाना था।

क्या भगत सिंह गांधी जी के खिलाफ थे?

नहीं, वे विचारधारा में अलग थे। भगत सिंह ने हिंसा को एक "ज़रूरी उत्तर" माना, जहाँ अहिंसा काम न करे।

क्या भगत सिंह ने कभी किताबें लिखी थीं?

हां, उन्होंने कई लेख लिखे जैसे "मैं नास्तिक क्यों हूं", जिनमें उनका गहन चिंतन झलकता है।