CDSCO Cosmetic Injection Notice / Image SOURCE : AI GENERATED
नई दिल्ली : CDSCO Cosmetic Injection Notice आजकल चमकता चेहरा और इंस्टेंट निखार पाने के लिए लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इसी का फायदा उठाकर शहरों में खुले कई ब्यूटी, एस्थेटिक और वेलनेस क्लीनिक ग्राहकों को क्रीम के बजाय कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इंजेक्शन लगाने की सलाह दे रहे हैं। इस खतरनाक प्रैक्टिस पर सख्त नाराजगी जताते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने एक नोटिस जारी किया है। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी बिल्कुल नहीं है। अगर कोई क्लीनिक या कंपनी ऐसा करती या इसका प्रचार करती पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की ओर से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि हाल के दिनों में ऐसी कई शिकायतें मिली थीं, जहां चेहरे पर इंजेक्शन लगाने के बाद लोगों का चेहरा सुधरने के बजाय पूरी तरह बिगड़ गया। ‘Cosmetic Product Injection Warning ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940′ के तहत कॉस्मेटिक उत्पाद केवल शरीर पर बाहरी इस्तेमाल, छिड़कने या लगाने के लिए होते हैं, न कि नस या त्वचा के अंदर इंजेक्ट करने के लिए।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में पैराबेंस, मर्करी, लेड और फॉर्मलडिहाइड जैसे हानिकारक केमिकल्स और भारी मेटल्स होते हैं। इन्हें इस तरह बनाया जाता है कि ये त्वचा की ऊपरी परत पर ही रहें। लेकिन जब इन्हें सीधे इंजेक्शन के जरिए स्किन की भीतरी परतों में डाल दिया जाता है, तो यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी बन जाती है। ये टॉक्सिक तत्व खून में पहुंचकर सीधे किडनी, लिवर और नर्वस सिस्टम को डैमेज करने लगते हैं। यहाँ तक कि फॉर्मेल्डिहाइड जैसे तत्वों से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
आपको बता दें की इस खतरनाक खेल का शिकार सबसे ज्यादा लड़कियां और महिलाएं हो रही हैं। इसलिए सीडीएससीओ ने खास तौर पर लड़कियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। किसी भी ब्यूटी क्लीनिक में इंजेक्शन या लेजर ट्रीटमेंट लेने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि वहां मौजूद व्यक्ति असली डर्मेटोलॉजिस्ट है या नहीं, उसका लाइसेंस चेक करें और क्लीनिक के पास हेल्थ डिपार्टमेंट की अनुमति है या नहीं यह भी देखें।