लखनऊ। Maternity Leave Rules Changes: उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश लेने के लिए पहले बच्चे के मातृत्व अवकाश और दूसरी संतान के बीच दो साल का अंतर होना जरूरी नहीं होगा। सरकार ने इस शर्त को समाप्त कर दिया है।
Maternity Leave Rules Changes: शनिवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले से उन महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिन्हें कम अंतराल में दूसरी संतान होने पर मातृत्व अवकाश लेने में नियमों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। दरअसल, अब तक व्यवस्था के अनुसार महिला कर्मचारी को दूसरी संतान के जन्म पर 180 दिन का मातृत्व अवकाश तभी मिल सकता था, जब पहले बच्चे के लिए लिए गए मातृत्व अवकाश की समाप्ति के बाद कम से कम दो वर्ष बीत चुके हों। कम अंतराल में दूसरी संतान होने की स्थिति में यह शर्त महिला कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रही थी।
इसी मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई महिला कर्मचारी सेवा नियमों के अनुसार दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश की पात्र है, तो केवल दो वर्ष का अंतर पूरा नहीं होने के आधार पर उसका अवकाश आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत के इसी आदेश के बाद राज्य सरकार ने नियम में बदलाव का फैसला लिया है। अब पात्र महिला सरकारी कर्मचारियों को दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश लेने में दो वर्ष के अंतराल की बाध्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकारी सेवा नियमों के तहत महिला कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में दो बार 180-180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाता है। इसमें गोद ली गई संतान से जुड़े मामले भी शामिल हैं। नए फैसले से इन दोनों अवसरों के बीच अनिवार्य दो साल के अंतर की शर्त हट गई है।
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